एनएक्यूएएस प्रमाणीकरण : राज्य टीम ने किया हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर दीवानगंज का मूल्यांकन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> जिला और प्रखंड के साथ साथ समुदाय स्तर पर भी लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का संचालन किया जा रहा है। अस्पताल द्वारा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के आधार पर राज्यस्तरीय और राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक &lpar;एनक्यूएएस&rpar; प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। एनक्यूएएस प्रमाणपत्र मिलने पर अस्पताल को बेहतर सुविधा जारी रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अतिरिक्त सहायता राशि भी प्रदान किया जाता है। एनक्यूएएस मानक के अनुसार अस्पताल को तैयार करने के बाद राज्य और केंद्र स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा अस्पताल का मूल्यांकन करते हुए अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर अस्पताल को अंक प्रदान किया जाता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एनक्यूएएस प्रमाणपत्र के लिए राज्य स्तरीय टीम में राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार की आशा कंसल्टेंट शालिनी सिन्हा और चिकित्सा अधिकारी डॉ राजीव कुमार ने पूर्णिया पूर्व प्रखंड के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर दीवानगंज का मंगलवार और बुधवार को दो दिनों निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा अस्पताल में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं की जानकारी लेते हुए मरीजों को उससे मिलने वाले लाभ का मूल्यांकन किया गया। इस दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग से डीसीएम संजय कुमार दिनकर&comma; यूनिसेफ जिला सलाहकार शिवशेखर आनंद&comma; डीसीक्यूए डॉ अनिल कुमार शर्मा&comma; प्रखंड स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ शरद कुमार&comma; बीएचएम विभव कुमार&comma; दीवानगंज मुखिया अंगद मंडल&comma; हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी रजत कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी&comma; एएनएम और अन्य लोग उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अस्पताल में उपलब्ध सभी सुविधाओं की ली जानकारी &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अनुसार राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा अस्पताल में मरीजों के लिए उपलब्ध 06 विभागों की जानकारी ली गई। इसमें लेबर रूम की व्यवस्था&comma; गैर संचारी रोग नियंत्रण सुविधा&comma; राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में शामिल कालाजार&comma; फाइलेरिया&comma; टीबी आदि रोग नियंत्रण की सुविधा&comma; लैबोरेटरी की सुविधा&comma; ओपीडी और आईपीडी व्यवस्था शामिल हैं। राज्य स्तरीय टीम द्वारा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर&comma; दीवानगंज में उपलब्ध इन सभी सुविधाओं का मूल्यांकन करते हुए मरीजों को मिल रही व्यवस्था का आकलन किया गया। अस्पताल में उपलब्ध मरीजों से अस्पताल में मिलने वाले सुविधाओं की जानकारी ली गई। इसके आधार पर अस्पताल में मरीजों को मिल रही सुख सुविधाओं को राज्य स्वास्थ्य समिति में रिपोर्ट किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर अस्पताल को अंक प्रदान किया जायेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सभी उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता बेहतर होने और पब्लिक रिव्यु के आधार पर अस्पताल को दिया जाएगा अंक &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार की आशा कंसल्टेंट शालिनी सिन्हा ने बताया कि दीवानगंज अस्पताल की सभी व्यवस्था सुचारू रूप से कार्यरत हो रहा है इसकी जानकारी लेने के लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अस्पताल का मूल्यांकन किया गया। इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेने के साथ साथ स्थानीय लोगों को इससे मिलने वाले लाभ की जानकारी ली गई और संबंधित रिपोर्ट तैयार किया गया। रिपोर्ट के अनुसार मरीजों के लिए अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधा को राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा रिपोर्ट में मूल्यांकन करते हुए अंक प्रदान किया जाएगा। उसके अनुसार अस्पताल को एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा जिससे कि यहां के लोगों को अस्पताल में सभी सुविधा नियमित रूप से मिलती रहेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त होने पर अस्पताल को मिलेगा एनक्यूएएस प्रमाणपत्र &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यूनिसेफ जिला सलाहकार शिवशेखर आनंद ने बताया कि एनक्यूएएस के तहत दो प्रकार के प्रमाणन की व्यवस्था है। पहला राज्य प्रमाणन होता है जिसके तहत राज्य की टीम द्वारा मूल्यांकन किया जाता है। जब अस्पताल को राज्य द्वारा प्रमाणपत्र मिल जाता है उसके बाद संबंधित अस्पताल केंद्रीय प्रमाणन के पात्र बन सकता है। एनक्यूएएस प्रमाणिकरण के लिए अस्पताल में वह सभी व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए जो उस स्तर के अस्पताल के लिए आवश्यक है। उन सभी विभागों के मूल्यांकन के बाद उसे मूल्यांकन टीम द्वारा अंक प्रदान किया जाता है। अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर अस्पताल को एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। उन्होंने बताया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर दीवानगंज में सभी व्यवस्था उपलब्ध है जिससे कि उसे एनक्यूएएस प्रमाणपत्र मिल सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अस्पताल अधिकारियों और कर्मियों द्वारा किया गया बेहतर प्रयास &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर दीवानगंज में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक &lpar;एनक्यूएएस&rpar; प्रमाणीकरण के लिए आवश्यक सभी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध है। इसका निरक्षण जिला स्तरीय टीम द्वारा पहले से किया गया है जिसमें अस्पताल एनक्यूएएस के सभी पैमाने पर शत प्रतिशत खरा उतरा है। इसके लिए यहां कार्यरत स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मियों द्वारा नियमित बेहतर प्रयास किया जाता है जिससे कि यहां उपस्थित मरीजों को आसानी से बेहतर सामान्य स्वास्थ्य चिकित्सा उपलब्ध हो सके। इसके जांच के लिए उपस्थित राज्य स्तरीय टीम के द्वारा सभी विभागों का अवलोकन किया गया है और अस्पताल के प्रदर्शन के आधार पर टीम द्वारा अपनी संतुष्टि जताई गई है। राज्य टीम द्वारा निर्धारित अंक के अनुसार अस्पताल को राज्य स्तरीय एनक्यूएएस प्रमाणपत्र मिल सकेगा जिसके बाद अस्पताल द्वारा नेशनल एनक्यूएएस प्रमाणपत्र के लिए तैयारी शुरू कर दिया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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