मदर्स इंटरनेशनल एकेडमी में मॉक पार्लियामेंट का आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित &colon;<&sol;strong> मदर्स इण्टरनेशनल अकादमी&comma; फुलवारी शरीफ में &&num;8216&semi;मॉक पार्लियामेंट&&num;8217&semi; आयोजित किया गया&period; सामाजिक विज्ञान संकाय के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर भारतीय संसद की गरिमामयी दृश्य को साकार कर दिखाया&period; विद्यालय के विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में संसद की बारीकियों को बड़े ही सहज और सरल ढंग से प्रदर्शित किया&period; विद्यालय परिवार के सभी सदस्य इस अभूतपूर्व कार्यक्रम के साक्षी बने और करतल ध्वनि से विद्यार्थियों का उत्साहवर्द्धन किया&period; इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने कई ज्वलंत मुद्दे उठाए जैसे बेरोजगारी&comma; मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार&comma; महिला की सुरक्षा&comma; सर्वाइकल कैंसर का खतरा&comma; कोचिंग संस्थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार&comma; एन&period; टी&period; ए&period; के खिलाफ आवाज&comma; कृषि क्षेत्र पर बजट&comma; शिक्षा के क्षेत्र में बजट आदि&period; इस कार्यक्रम में भाग लेनेवाले विद्यार्थी थे- जुहा फरूख्ख&comma; आएशा अकरम&comma; रूचि कुमारी&comma; रजिया कलिम&comma; नादिया फातिमा&comma; दख़्शां ज़रीन&comma; तान्या चौधरी&comma; पूर्वा कुमारी&comma; अनम तनवीर&comma; शाइबा तजीन&comma; अमीषा कुमारी&comma; तहमीना परवीन&comma; अल्विना फैयाज&comma; असफी सबा&comma; नूर-उस-सबा&comma; शिफ़त जहाँ&comma; उज़्मा परवीन&comma; असद&comma; नायाब नसीम&comma; अमृत कुमार&comma; यासिर अली&comma; आतिफ अली&comma; रौनक कुमार एवम् रिशु राज़&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विद्यालय के निदेशक अरशद अहमद ने कहा&comma; कि &&num;8220&semi;संसद के बारे में जानना और सीखना बहुत महत्वपूर्ण है इससे विद्यार्थी संसद के क्रिया कलापों से अवगत ही नहीं होते वरण यह भी जान या समझ पाते है कि सरकार के सभी अंग कैसे कार्य करते है&period; विद्यालय की प्राचार्या सुप्रिया चटर्जी ने कहा&comma; कि &&num;8220&semi;मॉक पार्लियामेंट अथवा संसदीय कार्यप्रणाली के प्रतिरूपों का शैक्षणिक संस्थानों में आयोजन बहुत ज्ञानप्रद एवम् प्रभावशाली होता है&period; यह एक शैक्षणिक उपकरण की तरह है&period;यह छात्रों अथवा प्रतिभागियों को वास्तविक संसदों और विधानमंडलों की तरह बहस&comma; विचार-विमर्श और कानून बनाने की प्रक्रियाओं का अनुभव प्रदान करता है&period;&&num;8221&semi; अतिथि विशेष के रूप में अमरेन्द्र कुमार &lpar;निदेशक संत स्टीफेन्स&comma; मंदिरी&rpar;&comma; सूरज कुमार सिंह &lpar;निदेशक माउण्टेसरी स्कूल&comma; गर्दनीबाग&rpar; एवम् सैयद असदर इमाम &lpar;निदेशक सिफ्टन स्कूल&comma; बाकरगंज&rpar; ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्द्धन किया&period;<&sol;p>&NewLine;

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