सदर अस्पताल में संचालित ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट का हुआ मॉक ड्रिल

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर। <&sol;mark><&sol;strong>सदर अस्पताल परिसर में स्थापित ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट की क्रियाशीलता को जांचने के शुक्रवार को मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया है। राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर ऑक्सीजन प्लांट के मॉक ड्रिल के क्रम में ऑक्सीजन प्लांट की शुद्धता के स्तर के साथ-साथ प्लांट के जरिये प्रवाहित ऑक्सीजन के दबाव का गहनता पूर्वक मुआयना किया गया। इस क्रम में अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद व ऑक्सीजन टेक्निशियन धीरेंद्र कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मानकों के अनुरूप संचालित है प्लांट<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद ने बताया कि मॉक ड्रिल पूर्णत&colon; सफल रहा। इस क्रम में प्लांट द्वारा उत्सर्जित ऑक्सीजन की शुद्धता का स्तर 95 प्रतिशत पाया गया। निर्धारित मानकों के आधार पर ऑक्सीजन की शुद्धता का स्तर 90 से 96 प्रतिशत होना चाहिये। इसी तरह प्लांट से प्रवाहित ऑक्सीजन के दबाव का मानक 04 से 06 बीएआर निर्धारित है। सदर अस्पताल में स्थापित पीएसए प्लांट द्वारा प्रवाहित ऑक्सीहन का दबाव 05 बीएआर पाया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट का संचालन आम लोगों के लिये बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है। अस्पताल के 78 बेड सीधे ऑक्सीजन पाइप लाइन से जुड़े हैं। गंभीर रोग से पीड़ित&comma; प्रसव संबंधी जटिल मामलों के निष्पादन सहित दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराने में प्लांट का संचालन बेहद लाभकारी साबित हो रहा है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अस्पताल के 78 बेड सीधे ऑक्सीजन सुविधा से युक्त<br>कोरोना महामारी के समय कोरोना प्रभावित मरीज व अस्पताल में इलाजरत अन्य मरीजों को ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से सदर अस्पताल परिसर में 200 लीटर प्रति मिनट उत्पादन क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था। सदर अस्पताल के कुल 78 बेड ऑक्सीजन पाइप लाइन से सीधे जुड़े हैं। जो जरूरतमंद मरीजों के लिये फायदेमंद साबित हो रहा है। सदर अस्पताल में 600 एलपीएम क्षमता वाला प्लांट भी बन कर तैयार है। जो फिलहाल क्रियाशील नहीं है। वहीं 500 एलपीएम क्षमता वाला प्लांट फारबिसगंज अनुमंडल अस्पताल में भी बन कर तैयार है।<&sol;p>&NewLine;

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