चार शिक्षकों से चलाई जा रही है मध्य विद्यालय पथराहा हिंदी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सीमावर्ती पंचायत पथराहा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय लखन सिंह टोला पथराहा में चार शिक्षक के बदौलत एक से आठ क्लास तक की बच्चों का होता है पढ़ाई। जबकि विद्यालय में लगभग 500 बच्चे नामांकित हैं जिसमें लगभग 200 बच्चे प्रत्येक दिन विद्यालय आता है। बच्चों के लिए मध्यान भोजन भी बनाया जाता है। शिक्षकों में 2 महिला और दो पुरुष हैं। बताते चलें कि बिहार सरकार जहां शिक्षा व्यवस्था का गुणगान करते नहीं थकते हैं वहीं सरकार के कुव्यवस्था के कारण ग्रामीण क्षेत्र का शिक्षा व्यवस्था चौपट दिख रहा है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>केवल सरकारी विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति का खानापूर्ति किया जाता है। आखिर 1 से 8 क्लास तक के बच्चों को मात्र चार शिक्षक कैसे पढ़ाएंगे। यह खानापूर्ति नहीं है तो और क्या है&quest; सरकार के नीतियों के कारण ग्रामीण क्षेत्र के नोनियलों का भविष्य अंधकार में है। ऐसा लगता है की बच्चों की केवल उपस्थिति बनवा कर साइकिल&comma; पोशाक&comma; छात्रवृत्ति योजना की लाभ पहुंचाकर शिक्षा का खानापूर्ति कर लिया जाता है। और यहां जमीनी हकीकत कुछ और देखने के लिए मिल रहा है। बच्चों में जो मानसिक विकास होना चाहिए वह नहीं मिल रहा है। इसका मुख्य कारण है कि बच्चों के अनुपात विद्यालय में शिक्षक नहीं है जो भी शिक्षक हैं सरकार के द्वारा गैर शैक्षणिक कार्य कराया जाता है। आखिर बच्चों के साथ खिलवाड़ नहीं तो क्या है&quest;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक बेचन पोद्दार&colon;-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>इस बाबत प्रधानाध्यापक बेचन पोद्दार ने कहा इस विद्यालय में लगभग 500 बच्चे नामांकित हैं 200 बच्चे प्रत्येक दिन विद्यालय आते हैं मात्र 4 शिक्षक कार्यरत हैं जिसमें दो महिला दो पुरुष है। बच्चों के अनुपात शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों को शिक्षा पर्याप्त नहीं मिल पाता है। इस संबंध में विभगीय वरीय पदाधिकारी को सूचना पहले भी दे चुके हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>क्या कहते हैं क्षेत्र के अभिभावक&colon;-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>इस बाबत विद्यालय पोषक क्षेत्र के अभिभावकों ने बताया कि बच्चे केवल विद्यालय में उपस्थिति बनाकर खानापूर्ति करते हैं। जो पर्याप्त शिक्षा मिलना चाहिए वह नहीं मिल पाता है। इसका मुख्य कारण है शिक्षकों की कमी।कहा बिहार सरकार केवल कागजों पर शिक्षा व्यवस्था की बड़े-बड़े वादे करते हैं।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

बरबीघा में माँ मथुरासिनी महोत्सव 2026 का समापन, बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखाया जलवा

सिलेंडर की जमाखोरी की रोकथाम को लेकर 28 धावा दल का गठन

सरकारी स्कूलों में वार्षिक परीक्षा शुरू, छात्रों को शांत मन से परीक्षा देने की सलाह