नाटक “अंधकार पर हो उजाले की जीत” के माध्यम से हरित और शांत दिवाली का संदेश

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> सर्वमंगला सांस्कृतिक मंच की साप्ताहिक नुक्कड़ नाटक श्रृंखला के तहत महेश चौधरी लिखित और मिथिलेश कुमार पांडे निर्देशित नाटक &OpenCurlyDoubleQuote;अंधकार पर हो उजाले की जीत” का मंचन वाल्मी फुलवारी शरीफ में किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नाटक की शुरुआत करण कुमार के गीत &OpenCurlyDoubleQuote;गणेश लक्ष्मी का हो घर में वास…” से हुई&period; प्रस्तुति के माध्यम से संदेश दिया गया कि दिवाली अच्छाई की जीत और प्रकाश का पर्व है&comma; जिसे दीप जलाकर मनाना चाहिए&comma; न कि पटाखे फोड़कर&period; पटाखों से पर्यावरण&comma; बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है&comma; इसलिए इस बार दीपक जलाने और हरित दिवाली मनाने की शपथ ली गई। नाटक में महेश चौधरी&comma; करण&comma; रंजन&comma; सुनीता कुमारी&comma; शिखा लाल&comma; पूजा&comma; रिया&comma; भारती गुप्ता और श्रेणिका सिंह न अभिनय किया।<&sol;p>&NewLine;

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