मौरिशस भारत का आभारी, यह हमारा दूसरा घर : डा सरिता बुधु

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> भारत ने मौरिशस के उत्थान में पिछले अनेक वर्षों से लगातार बड़ी सहायता की है। इसलिए मौरिशस भारत का आभारी है। हमारे पूर्वज लगभग १९० वर्ष पूर्व भारत से मज़दूर के रूप में मौरिशस गए थे। आज हम बिहारी और पूर्वांचल मूल के लोगों का ही मौरशस में शासन है। भारत हमारा दूसरा घर है। हमारे पूर्वजों का पवित्र घर।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह बातें सोमवार को सुप्रसिद्ध कैंसर रोग विशेषज्ञ डा जितेंद्र कुमार सिंह के आवास पर आयोजित प्रीतिभोज में उपस्थित नगर के वरिष्ठ नागरिकों की एक सभा को संबोधित करती हुईं&comma; मौरिशस के पूर्व उपप्रधानमंत्री डा हरीश बुधु की पत्नी और सुविख्यात संस्कृति सँवाहिका साहित्यकार डा सरिता बुधु ने कही। डा बुधु के सम्मान में भारत मौरिशस मैत्री संघ के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा में डा बुधु ने उपस्थित प्रबुद्धजनों को मौरिशस आने का आमंत्रण भी दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर पत्रकार शशिभूषण कुमार और अमित कुमार विश्वास की पुस्तक &&num;8216&semi;मानवाधिकार &colon; एक दृष्टि&&num;8217&semi; का लोकार्पण भी किया गया। सुप्रसिद्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ और बिहार के पूर्व निदेशक प्रमुख&comma; स्वास्थ्य डा विजय शंकर सिंह&comma; सुप्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डा शीला शर्मा&comma; भारतीय होमियोपैथी चिकित्सा परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डा रामजी सिंह&comma; पूर्व निदेशक-प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएँ डा एच एन दिवाकर&comma; भारतीय चिकित्सा संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डा सहजानन्द&comma; आरती सिंह&comma; रवींद्र खरात आदि प्रबुद्धजन उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;

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