भरगामा में बिना लाइसेंस के चल रहे कई आरा मिल

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> <strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> एक तरफ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे बांटने व लगाने का काम कर रही है। ताकि प्रकृति का विदोहन होने से बचा जाए व गिरते जलस्तर पर राेक लग सके। वहीं दुसरी ओर भरगामा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर कथित रूप से बगैर लाइसेंस के आरा मिल बेरोक-टोक चलाई जा रही है। बताया जाता है कि अवैध आरा मिलों में हरा-भरा पेड़ कटवाकर चिरान किया जाता है। जानकार बताते हैं कि बगैर लाइसेंस के आरा मिल संचालित किये जाने से सरकार को राजस्व की भारी क्षति हो रही है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जबकि दूसरी ओर बगैर लाईसेंसधारी आरा मिल संचालक क्षेत्र के हरा-भरा पेड़ चिरान कर मालामाल हो रहे हैं। सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन दिनों भरगामा प्रखंड क्षेत्र के खजुरी पंचायत के वार्ड 10 में&comma;शंकरपुर पंचायत के वार्ड 05 में&comma;सिमरबनी पंचायत के बाजार स्थित बगैर लाईसेंस के आरा मिल चला रहे हैं। जिसकी भनक विभागीय अधिकारियों को भी है&comma; परंतु इस पर कार्रवाई करने में हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इससे अवैध लकड़ी तस्करों को हरी-भरी लकड़ी तस्करी करने का हौसला मिल रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक आरा मिल में अवैध लकड़ियों का भण्डारण रात्रि को किया जाता है। जबकि गुप्तचर बताते हैं कि अवैध लकड़ी तस्कर जंगल से हरी-भरी लकड़ी कटाई कर लाते हैं और इन्हीं आरा मिल संचालक से हरी-भरी लकड़ी चिरान कर बड़ी मात्रा में अवैध लकड़ी खपाई करते हैं। लोगों ने इस अवैध लकड़ी कारोबारी पर रोक लगाने की विभाग से मांग की है। इस मामले में डीएफओ मेघा यादव से जब बात किया गया तो उन्होंने बताया कि जल्द हीं टीम भेजकर जांच की जायेगी। अगर नियमों के विपरीत कार्य चल रहा होगा तो कठोर कार्रवाई भी की जायेगी।<&sol;p>&NewLine;

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