“मंथन” एनजीओ द्वारा समाज के पिछड़े वर्गों के बच्चों का एम्स पटना में शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 2<&sol;strong>4&rpar; सामाजिक समावेशन और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल के तहत&comma; पटना के नौबतपुर क्षेत्र से समाज के पिछड़े वर्गों के 50 से अधिक बच्चों ने एनजीओ &OpenCurlyDoubleQuote;मंथन” के साथ शनिवार को एम्स पटना के ओपीडी&comma; आपातकालीन एवं ट्रॉमा विभाग का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान बच्चों को डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से संवाद करने का अवसर मिला। उन्होंने सरल भाषा में आपातकालीन एवं ट्रॉमा सेवाओं की कार्यप्रणाली&comma; समय पर उपचार के महत्व तथा बुनियादी स्वास्थ्य जागरूकता के विषय में जानकारी दी। इस संवाद से बच्चों में गहरी जिज्ञासा और उत्साह देखने को मिला&comma; जिनमें से अधिकांश पहली बार किसी प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में आए थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बच्चों से एम्स पटना के निदेशक ने भी व्यक्तिगत रूप से संवाद किया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने&comma; अपने सपनों को संजोने तथा अच्छे स्वास्थ्य और सतत् सीखने के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित किया। निदेशक ने समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों से जोड़ने तथा ऐसे प्रेरणादायी अनुभव प्रदान करने के लिए मंथन एनजीओ के प्रयासों की सराहना की। प्रोत्साहन स्वरूप सभी बच्चों को कॉपी और पेन वितरित किए गए&comma; जिससे उनका उत्साह और बढ़ गया। बच्चों ने एम्स पटना के भ्रमण पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की और इसे एक यादगार व प्रेरणादायी अनुभव बताया। बच्चों को संबोधित करते हुए निदेशक&comma; एम्स पटना ने उन्हें शिक्षा पर विशेष ध्यान देने&comma; वैज्ञानिक सोच विकसित करने तथा अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एम्स जैसे संस्थान जनता के हैं और समाज की सेवा के लिए समर्पित हैं। साथ ही बच्चों को मेहनत&comma; अनुशासन और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं मंथन एनजीओ के निदेशक फादर डॉ&period; टी&period; निशांत एस&period;जे&period; ने इस मौके पर कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी भ्रमण वंचित वर्गों के बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें शिक्षा व जागरूकता के माध्यम से बेहतर भविष्य की कल्पना करने में मदद करते हैं। गौरतलब है कि एम्स पटना ने सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक दायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक बार फिर इस प्रकार की पहलों के जरिए स्वास्थ्य संस्थानों और समाज&comma; विशेषकर वंचित वर्गों के बीच&comma; संबंधों को और मजबूत करने का काम किया है। इस मौके पर एम्स पटना के चिकित्सा अधीक्षक डॉ अनूप कुमार और डॉ सुजीत सिन्हा भी मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;

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