राजगीर में महाराज जरासंध के अखाड़ा को संरक्षित स्मारक होगा घोषित : दिलीप जायसवाल

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> अखिल भारवर्षीय चंद्रवंशी चेतना परिषद के द्वारा आयोजित मगध सम्राट जरासंध जी का जन्मोत्सव सह चंद्रवंशी स्वाभिमान रैली में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ&period; दिलीप जायसवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि &&num;8220&semi;आज का यह अवसर न केवल हमारे समाज की एकता और परंपराओं को बल देता है&comma; बल्कि हमारे गौरवशाली इतिहास के प्रतीक&comma; मगध सम्राट जरासंध जी के जीवन और योगदान को श्रद्धांजलि देने का भी अवसर है। सम्राट जरासंध केवल एक महान योद्धा और राजा ही नहीं थे&comma; बल्कि वह भारतीय संस्कृति&comma; परंपरा और स्वाभिमान के प्रतीक थे। उनकी नेतृत्व क्षमता और उनके द्वारा स्थापित मगध साम्राज्य भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्याय हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आज जब हम उनके जन्मोत्सव के साथ चंद्रवंशी स्वाभिमान रैली का आयोजन कर रहे हैं&comma; यह समाज के लिए एकजुटता और समर्पण का संदेश देता है। चंद्रवंशी समाज का योगदान भारतीय इतिहास&comma; संस्कृति और समाज में हमेशा से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे समाज का स्वाभिमान बनाए रखना और उसे प्रोत्साहित करना हम सबकी जिम्मेदारी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>भारतीय जनता पार्टी हमेशा समाज के हर वर्ग&comma; विशेषकर वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध रही है। चंद्रवंशी समाज के लिए हमारी सरकार ने कई योजनाएं और नीतियां लागू की हैं और आगे भी उनके कल्याण और सम्मान के लिए निरंतर कार्यरत रहेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मैं इस अवसर पर यह कहना चाहता हूं कि सम्राट जरासंध का जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी कैसे अपनी परंपराओं&comma; संस्कृति और समाज के हित में अडिग रहना चाहिए। उनका त्याग और बलिदान हमें प्रेरित करता है कि हम समाज के हर वर्ग के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए काम करें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अखिल भारवर्षीय चंद्रवंशी चेतना परिषद को इस आयोजन के लिए मैं हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। यह आयोजन न केवल समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ने का काम करेगा&comma; बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित करेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि जरासंध महाराज के अखाड़ा स्थल का होगा जीर्णोद्धार होगा। उन्होंने कहा कि नालंदा स्थित यह स्थल भारतीय इतिहास का गौरव है। यह ऐतिहासिक स्थलों में इसका अलग स्थान है&comma; यही कारण है कि सरकार की योजना इसके जीर्णोद्धार की है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने इस मौके पर राजगीर में महाराज जरासंध के अखाड़ा को संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित होने का भी ऐलान किया। उन्होंने इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि कहा जाता है कि इस अखाड़े को उन दिनों दूध से पटाया जाता था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आइए&comma; हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम एक सशक्त&comma; संगठित और स्वाभिमानी समाज का निर्माण करेंगे। यह समाज ही हमारे राष्ट्र की शक्ति है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी&comma; श्री विजय सिन्हा&comma;मंत्री श्री नितिन नवीन&comma;पूर्व सांसद श्री सुशील सिंह&comma;विधायक संजीव चौरसिया ने भी रैली को संबोधित किया।<&sol;p>&NewLine;

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