नहाए खाए के साथ महापर्व छठ की हुई शुरुआत, व्रतियों ने किया कद्दू भात का सेवन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>झारखंड&lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;strong> नहाय-खाय के साथ महापर्व चैती छठ की शुरुआत हो गई है&period; सुबह से ही छठ व्रतियों में उत्साह देखा जा रहा है&period; चैत्र मास का पावन महीना चल रहा है&period; इसी महीने में शारदीय नवरात्र की भी पूजा की जाती है और महापर्व छठ भी किया जाता है&period;धनबाद लोक आस्था का महापर्व चैती छठ मंगलवार को नहाए खाए के साथ शुरु हुआ&period; शारदीय नवरात्र पूजा का आज चौथा दिन है&period; वहीं चतुर्थी से ही महापर्व छठ की शुरुआत हो जाती है&period; आज के दिन व्रती कद्दू भात का सेवन करती हैं&period; इससे पहले छठ व्रतियों ने घाट और जलाशयों में स्नान के पश्चात पूजा-पाठ करके कद्दू की सब्जी&comma; चने की दाल और अरवा चावल से बने भोजन को ग्रहण किया&period; वहीं एक दूसरे को सिंदूर दान भी किया&period; बुधवार 6 अप्रैल को व्रतियां खरना करेंगी&period; गुरुवार 7 अप्रैल को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया जाएगा&period; शुक्रवार &lpar;8अप्रैल&rpar; को उदयीमान भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के साथ ही 36 घंटे तक चलने वाले निर्जला छठ महापर्व का समापन हो जाएगा&period; व्रतियों ने बताया कि चैती छठ काफी संयमित और विधि विधान से किया जाने वाला व्रत है&comma; क्योंकि चैत अप्रैल महीना में संपन्न होने के कारण व्रतियों को बहुत अधिक प्यास लगती है&period; बावजूद वह निर्जला रहकर इस कठिन व्रत को सफलता पूर्वक वर्षों से करती आ रही हैं&period;<&sol;p>&NewLine;

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