देखिए एसपी साहब, शराब धंधेबाजों पर बछवाड़ा के दरोगा जी नहीं करते हैं कार्रवाई!

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बछवाड़ा&lpar;राकेश यादव&rpar;&colon;<&sol;strong> बिहार में शराब माफियाओं के के खिलाफ उन्हें रंगेहाथों गिरफ्तार कराने के लिए कोई भी व्यक्ति पुलिस मुखबिरी करने की हिम्मत जल्दी नहीं जुटा पाता। मगर जब कोई खुलकर शराब धंधेबाजों को गिरफ्तार कराने के लिए पुलिस बार बार बुलाए और पुलिस एक बार भी स्थल तक पहुंचने की जहमत नहीं उठाए&comma; तो आप ऐसे पुलिस की कार्यशैली के बारे में क्या कहेंगे&quest; हम बात कर रहे हैं बेगूसराय जिले के बछवाड़ा थाने की। जहां बछवाड़ा के राजद युवा प्रखंड मनोज कुमार सहनी नें स्थानीय शराब धंधेबाजों एवं पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बुधवार को शराब धंधेबाजों व पुलिस महकमे के खिलाफ एसपी बेगूसराय&comma; डीजीपी पटना&comma; मुख्यमंत्री बिहार सरकार&comma; नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है। पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा है कि प्रखंड अंतर्गत बेगमसराय गांव में पिछले कुछ दिनों से कुछ शराब धंधेबाजों के द्वारा महुआ शराब का निर्माण कार्य एवं बिक्री बड़े पैमाने पर प्रफुल रहा है। जबकि बिहार सरकार पुर्ण शराबबंदी को लेकर काफी संवेदनशील है। समाजिक बुराई दुर करने के उद्देश्य से राजद नेता के द्वारा भी उक्त सुचना बछवाड़ा थानाध्यक्ष व उत्पाद थानाध्यक्ष को कइ बार दिया गया। बावजूद इसके दोनों हीं थानाध्यक्षों वें किसी प्रकार की कोई कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा। पुर्व पंचायत समिति सदस्य श्री सहनी नें बताया कि शराब धंधेबाजों के डर से कोई भी आम नागरिक इसकी खिलाफत नहीं करता है। ऐसी स्थिति में मैं जब खुल कर शराब धंधेबाजों के खिलाफ पुलिस के मदद को उतरा तो पुलिस इसे अनसुना कर शराब माफियाओं को अप्रत्यक्ष मदद कर रही है। पुलिसिया कार्रवाई शुन्य देख पुर्व पंचायत समिति सदस्य नें धंधेबाजो एवं पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आवेदन देकर महुआ शराब के धंधे पर लगाम लगाने की मांग की है।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

विश्व जनसंख्या दिवस पर पटना वीमेंस कॉलेज में बनी मानव श्रृंखला, 150 प्रतिभागियों ने दिया जागरूकता का संदेश

झमाझम बारिश से पटना एम्स रोड से लेकर फुलवारी, संपतचक और रामकृष्ण नगर तक जलजमाव

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सांसद पूर्णिया द्वारा समाहरणालय में टीबी ग्रसित मरीजों को उपलब्ध कराई गई पोषण सामग्री