बचपन सुरक्षित भविष्य विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण &lpar;NALSA&rpar; की &OpenCurlyDoubleQuote;नालसा जागृति योजना 2025” के अंतर्गत &OpenCurlyDoubleQuote;सुरक्षित बचपन सुरक्षित भविष्य विषय पर स्थानीय &plus;2 ली अकादमी&comma; फारबिसगंज में एक वृहद विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों&comma; सुरक्षा&comma; लैंगिक समानता&comma; साइबर सुरक्षा एवं कानूनी जागरूकता के प्रति जागरूक करना था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;06&sol;img-20260601-wa00227392777759451033529-600x365&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-86266" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकार&comma; अररिया के पैनल एडवोकेट श्री राहुल रंजन थे। कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्या नगमा रूही&comma; मोहन झा&comma; राजेश वाल्मीकि&comma; सुप्रिया&comma; पूजा&comma; अनामिका&comma; नित्यानंद&comma; राज कुमार उरांव सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।अपने संबोधन में पैनल अधिवक्ता राहुल रंजन ने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो &lpar;POCSO&rpar; अधिनियम&comma; बाल अधिकारों एवं बच्चों की सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण में जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है तथा उनके विरुद्ध किसी भी प्रकार का यौन शोषण&comma; उत्पीड़न अथवा अनुचित व्यवहार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।उन्होंने छात्र-छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराए&comma; अनुचित व्यवहार करे अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से परेशान करे&comma; तो वे चुप न रहें बल्कि अपने अभिभावकों&comma; शिक्षकों अथवा संबंधित प्राधिकार को इसकी जानकारी दें।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर पैनल एडवोकेट श्री राहुल रंजन ने नालसा जागृति योजना 2025” के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों तक निःशुल्क विधिक सहायता एवं कानूनी जागरूकता पहुंचाने के लिए संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत महिलाओं&comma; बच्चों एवं विद्यार्थियों को उनके अधिकारों&comma; साइबर सुरक्षा&comma; लैंगिक समानता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक किया जाता है।उन्होंने डिजिटल युग में इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि छात्र-छात्राएं अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें तथा साइबर बुलिंग या ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्राचार्या नगमा रूही ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार&comma; अररिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन छात्र-छात्राओं को जागरूक&comma; जिम्मेदार एवं कानून के प्रति सजग नागरिक बनने के संदेश के साथ हुआ।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

मौत के बाद भी ‘सिस्टम’ का सितम!

श्री राम सनातन सेना द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन सह सम्मान समारोह का आयोजन

शराब तस्करी के आरोप में पति-पत्नी गिरफ्तार!