एम्स पटना में त्वचा रोगों के 15 रोगियों को दी गई लेजर थेरेपी

&NewLine;<p><strong>फूलवारीशरीफ&lpar;अजीत यादव&rpar;&colon;<&sol;strong> शनिवार को एम्स पटना में लेजर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। विभिन्न त्वचा रोगों के लिए 15 रोगियों को लेजर थेरेपी मिली। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष एवं अपर प्राध्यापक बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी डॉ&period; वीणा कुमारी ने कहा कि एम्स&comma; पटना में उन्नत लेजर मशीन से कई बीमारियों का इलाज किया जा सकता है&comma; जिसके लिए बिहार के रोगियों को संवहनी जैसे उचित उपचार के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता है&period; घाव&comma; जलने के बाद या आघात के बाद मोटी त्वचा&comma; अनचाहे बाल&comma; मुँहासे के बाद के निशान और टैटू हटाना। उसने यह भी बताया कि लेजर मशीन का उपयोग त्वचा की टोन&comma; खुरदरी त्वचा की बनावट&comma; त्वचा की शिथिलता&comma; त्वचा के हाइपरपिग्मेंटेशन में सुधार के लिए भी किया जा सकता है। डॉ&period; अंसारुल हक&comma; सहायक प्रोफेसर&comma; ने कहा कि एम्स पटना भारत के उन कुछ केंद्रों में से एक है जहां सरकारी स्थापित लेजर सेवाएं हैं और उन्होंने मरीजों से उपलब्ध सुविधा का पूरा उपयोग करने का आग्रह किया। सहायक प्रोफेसर डॉ&period; सरसीज शर्मा ने बताया कि मरीज प्लास्टिक सर्जरी ओपीडी में आ सकते हैं और प्रत्येक शनिवार को होने वाले लेजर थेरेपी सत्र के लिए अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। प्रत्येक सत्र की लागत लगभग 4000 रुपये है और उपचार में औसतन 5-6 सत्र होते हैं।<&sol;p>&NewLine;

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