हड़ताल से नहीं लौटने वाले भू-राजस्व पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज : मंत्री

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; à¤¸à¥‹à¤¨à¥‚ कुमार &colon;<&sol;strong> राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पदाधिकारी और कर्मचारियों को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफतौर पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि राजस्व पदाधिकारी और कर्मचारी अपना आंदोलन जल्द समाप्त नहीं करते हैं&comma; तो उन्हें निलंबित किया जाएगा। विभागीय कामकाज के लिए उनके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री सोमवार को मुख्य सचिवालय स्थित विभागीय कार्यालय कक्ष में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अंचलाधिकारी कुछ लोगों के बहकावे में न आएं। समय रहते वह काम पर लौट आएं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार की सहानुभूति को कमजोरी नहीं समझा जाए। जनता के कामकाज को प्रभावित करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>श्री सिन्हा सोमवार को नई सरकार के 100 दिन की उपलब्धियों को गिना रहे थे। उन्होंने बताया कि अविवादित और विवादित भूमि की मापी क्रमशः 7 व 11 दिन&comma; मापी प्रतिवेदन पोर्टल पर लोड करने के लिए 14 दिन का समय निर्धारित है। उन्होंने कहा कि भूमि से संबंधित जिन मामलों में आपत्ति नहीं है&comma; उन्हें 14 दिन में निस्तारित किया जाय। खसरा&comma; लगान में मामूली त्रुटियों के सुधार के लिए 35 दिन&comma; विशेष-जटिल मामलों के निराकरण के लिए 75 और परिमार्जन में सुधार के लिए 15 दिन का समय निर्धारित है।उन्होंने कहा कि पुलिस का काम कानून व्यवस्था बनाए रखना है न कि मौके पर जाकर जमीन पर कब्जा दिलाना। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बिना सक्षम आदेश के हस्तक्षेप पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सभी डीएम और एसपी को निर्देश दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत वंशावली निर्गत करने का काम अंचलाधिकारियों को सौंपा गया है। एससी&comma; एसटी पर्चाधारियों को कब्जा दिलाने के लिए राज्य में ऑपरेशन भूमि लागू किया गया। शहरी क्षेत्र में वंशावली जारी करने की जिम्मेदारी अंचलाधिकारियों को सौंपा गया है। पारिवारिक बंटवारा पोर्टल की शुरुआत&comma; दाखिल-खारिज आवेदन एक साथ करने और राजस्व अभिलेखों के ऑनलाइन नकल की सुविधा दी गई है। राज्य में चिरकुट फाइल से नकल निकालने की व्यवस्था को खत्म किया गया है। सरकार ने एक ही तरह के मामलों में अलग-अलग निर्देश देकर शोषण की संस्कृति को खत्म किया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सीसीटीवी कैमरे से होगी अंचल कार्यालयों की निगरानी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 19 जनवरी 2026 से सभी राजस्व कार्यालयों में ऑनलाइन सुनवाई शुरू की गई है। सभी अंचलों में सीसीटीवी कैमरा लगाने की तैयारी कर ली गई है। कुछ स्थानों पर यह काम पूरा किया जा चुका है। इसके लिए सरकार ने प्रति अंचल सवा लाख के हिसाब से कुल पौने सात करोड़ रुपए जारी किए हैं। डीसीएलआर और एडीएम के कोर्ट में भी सीसीटीवी कैमरा लगाने की तैयारी की जा रही है। यह सुविधा काम में पारदर्शिता के लिहाज से लागू की जा रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>हड़ताल समाप्त करने के बाद पूरा करना होगा परिमार्जन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अगस्त 2025 में करीब 46 लाख आवेदनों का 31 मार्च तक निष्पादन करने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें 40 लाख आवेदन सिर्फ परिमार्जन के हैं। यह योजनावद्ध तरीके से किया गया है। पहले सीओ और अब कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू किया है। इसकी जांच होगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल समाप्त होते ही आवेदनों का निस्तारण करना होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पंचायत के संवाद में बैठेंगे राजस्व पदाधिकारी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक शनिवार अंचल कार्यालय के संवाद में थाने के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इसकी निगरानी जिलों के निगरानी डीएम और एसपी करेंगे। राजस्व अधिकारी अंचल की बजाय पंचायत स्तर पर बैठकर जन शिकायतों का निस्तारण करेंगे। संवाद के आवेदकों को मैसेज भेजने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व अधिकारियों के पंचायत में मौजूदगी की निगरानी वीडियो कॉल से की जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>राजस्व मामलों के निस्तारण के लिए समय सीमा निर्धारित<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>श्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि राजस्व न्यायालय के मामलों के निस्तारण के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। इसके तहत अंचल अधिकारी &lpar;सीओ&rpar; के न्यायालय में बिना आपत्ति के भूमि दखल-खारिज 35 दिन&comma; आपत्ति वाले भूमि दखल-खारिज 75 दिन&comma; लोक भूमि अतिक्रमणवाद 90 दिन&comma; भूमाफी वाद 7-11 दिन&comma; भूमि सुधार अप समाहर्ता न्यायालय में अपील 30 दिन&comma; लगान निर्धारण 90 दिन&comma; बटाईदार वाद 90 दिन&comma; बंदोबस्त अपील 90 दिन&comma; दाखिल खारिज रिविजन अपील 30 दिन में निस्तारित करने के लिए निर्देश दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>एग्रीस्टैक में पूरा हुआ 55 फीसदी लक्ष्य<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रेस वार्ता में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने बताया कि विभाग ने इसी साल एग्रीस्टैक का काम शुरू किया। राजस्व विभाग के सहयोग से करीब 55 फीसदी के लक्ष्य को पूरा कर लिया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 275 करोड़ की प्रोत्साहन राशि भी दिया है। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि बिहार के लिए ऐतिहासिक सफलता है। बाकी के लक्ष्य को भी आगामी वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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