पतंग कारीगर भुखमरी के कगार पर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना सिटी&colon;<&sol;strong> पतंग कारोबारी कर रहे हैं लेकिन आज के समय में पतंग कारोबारियों का व्यापार घाटे का सौदा हो रहा है बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के की ओर से 2017 में पतंग प्रतियोगिता का आयोजन मकर संक्रांति के मौके पर 14 जनवरी को किया गया था इसी दौरान नाव हादसे में 24 लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद से राज्य सरकार ने पतंगबाजी प्रतियोगिता समाप्त कर दिया जिसके कारण पटना सिटी के पतंग कारोबारियों के व्यापार ऊपर आज के समय में खासा असर देखने को मिल रहा है 70 वर्षों से पतंग का कारोबार पटना सिटी में पतंग कारोबारी कर रहे हैं कारीगर भी बता रहे हैं कि 12 घंटा काम करने पर ₹200 ही मात्र कमा पाते हैं पतंग कारोबारी के कारोबार पतंग प्रतियोगिता बिहार में नहीं होने के कारण घाटे का कारोबार हो रहा है कारीगर भुखमरी के कगार पर हैं राज्य सरकार की तरफ से पतंग कारोबारियों और कारीगर के लिए कोई पहल नहीं की गई है जिसके कारण भुखमरी के कगार पर है खास बात है कि 2021 में गो कोरोना गो पतंग&comma; और नरेंद्र मोदी जी का पतंग बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का डिमांड पटना के बाजार में काफी है लेकिन कोविड-19 के कारण व्यापार पर काफी असर हुआ है और पतंग प्रतियोगिता नीतीश सरकार के तरफ से समाप्त किए जाने से पूरी तरह से पतंग कारोबारियों का बिजनेस ठप हो गया है पतंग कारोबारी आज भी डिमांड राज्य सरकार से कर रहे हैं कि सरकार को पहल करना चाहिए की पतंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाए बिहार में जिससे बिहार में पतंग कारोबारियों का व्यापार चल सके कारीगर को बाहर जाना नहीं पड़े।<&sol;p>&NewLine;

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