आधी रात घर-घर पधारे कान्हा.. घरों में बच्चों ने धारण किए राधा कृष्ण के मनमोहक रूप

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित यादव<&sol;strong>। जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया&period; इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण का रूप धरकर लोगों का मन मोह लिया&period; कहीं कान्हा सिर पर मोरपंख सजाए बांसुरी बजाते दिखे तो कहीं राधा रंग-बिरंगे लहंगे में सजी नजर आईं। मंदिरों और मोहल्लों में देर रात तक झांकियां निकाली गईं&period; खासकर बच्चों की टोली ने घर-घर जाकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की बधाई दी&period; छोटे-छोटे कान्हा जब पालकी में सवार होकर गलियों से निकले तो माहौल भक्तिमय हो गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बच्चों ने अपने अभिनय और अदाओं से लोगों का दिल जीत लिया&period; कई विद्यालयों और कॉलोनियों में बाल कलाकारों द्वारा कृष्ण-लीला मंचन किया गया&period; माता-पिता भी अपने बच्चों को सजाकर इस उत्सव में शामिल कर रहे थे&period; इस दौरान महिलाओं ने भजन-कीर्तन गाए और बच्चों ने मटकी फोड़ कार्यक्रम में उत्साह से भाग लिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बच्चों के लिए विशेष रूप से झूला झुलाने का कार्यक्रम रखा गया&period; नन्हें कृष्ण को पालने में झुलाकर भक्तों ने भगवान की बाल लीलाओं का स्मरण किया&period; बच्चों के बीच आयोजित राधा-कृष्ण पोशाक प्रतियोगिता में सबसे आकर्षक वेशभूषा धारण करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। जन्माष्टमी पर इस तरह बच्चों की मासूमियत और उनके कृष्ण रूप ने पूरे माहौल को भक्ति और आनंद से सराबोर कर दिया।<&sol;p>&NewLine;

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