प्रथम द्वारा आयोजित मॉक टेस्ट में जीविका दीदी ने ली बढ़-चढ़ कर भाग

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>वैशाली&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> जीविका दीदी चली शिक्षा की ओर…&period; ये कहावत सही होता दिख रहा है। जी हां&comma; वर्तमान समय में शिक्षा पाने का अधिकार अब सबको को है&comma; चाहे बच्चा हो या बुजुर्ग। हर किसी का सपना है शिक्षित होना। इसी सपना को साकार करने के लिए प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन ने जीविका दीदियों के सहारा बन चुकी हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;06&sol;img-20260603-wa00434904614599250914684-840x378&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-86392"><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिन जीविका दीदी ने आर्थिक तंगी या पारिवारिक माहौल व साधन &&num;8211&semi; संसाधन के अभाव में दसवीं कक्षा की शिक्षा अर्जित नहीं कर सकी। उनके लिए प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा बिहार राज्य के सभी जिलों में रिमोट सेकंड चांस कार्यक्रम के तहत शिक्षा से वंचित सभी दीदियों को दसवीं कक्षा की तैयारी कर अच्छे अंकों से उत्तीर्ण कराने का पीड़ा उठा ली है। इसी कड़ी में वैशाली और मुजफ्फरपुर जिला में करीब सौ से भी अधिक जीविका दीदी ने भी अपनी पढ़ाई की पुनः शुरूआत कर दसवीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर उत्तीर्ण करने का मनोबल बना चुकी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन में कार्यरत मुजफ्फरपुर की फैसिलिटेटर नेहा श्री ज्ञान ने बताया कि रिमोट सेकंड चांस कार्यक्रम जीविका दीदियों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन दीदी ने समाज &comma; घर &&num;8211&semi; परिवार के काम के बोझ तले दबे होने के कारण पढ़ाई करने की उम्मीद छोड़ चुकी थी।उन दीदी ने बिना किसी की परवाह किए नानी &&num;8211&semi; दादी बनने की उम्र में पढ़ाई की शुरुआत की। इससे पूरे गांव वैसी दीदी समाज में महिला शिक्षा व सशक्तिकरण की मिशाल बन गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसी बीच रिमोट सेकंड चांस कार्यक्रम के तहत प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्री मॉक टेस्ट का आयोजन वैशाली जिला में रिमोट इंस्ट्रक्टर मिशन कुमार और मुजफ्फरपुर जिला में नेहा श्री ज्ञान के सहयोग व देख रेख में कराया गया। मॉक टेस्ट आयोजन कराए जाने के मुख्य मकसद परीक्षा का माहौल बनाना और तैयारी का आकलन करना है। मॉक टेस्ट का पैटर्न बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन द्वारा पूर्व में पूछे गए प्रश्न पर आधारित है। वैशाली जिला में मॉक टेस्ट का आयोजन हाजीपुर स्थित डॉ राम बालक रॉय कॉलेज में ली गई। जबकि मुजफ्फरपुर जिला में मुखर्जी सेमिनरी में आयोजित की गई। इस मॉक टेस्ट में वैशाली से डॉ राम बालक रॉय महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी प्रेम कुमार व उनकी टीम और मुजफ्फरपुर जिला के मुखर्जी सेमिनरी के प्राचार्य त्रिपुरारी सिंह व उनकी टीम के सहयोग व देख-रेख में संचालित किया गया। साथ ही इस मॉक टेस्ट संचालन में वैशाली जिले के लालगंज ब्लॉक &lpar;गुड़मिया पंचायत&rpar; के विद्या दीदी पूजा कुमारी&comma; गोरौल ब्लॉक की विद्या दीदी मनीषा कुमारी&comma; सहदेई बुजुर्ग ब्लॉक के एरिया को ऑर्डिनेटर विशाल कुमार का उत्तम सहयोग रहा।<&sol;p>&NewLine;

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