सोन नदी जल बंटवारे समझौते पर जन सुराज ने उठाए सवाल, किसानों के हित में जवाब मांगा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर हुए समझौते पर जन सुराज ने सवाल उठाए हैं। जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह ने कहा कि नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता तथा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में बिहार और झारखंड के बीच जल बंटवारे पर सहमति बनी है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने बताया कि समझौते के अनुसार सोन नदी के 7&period;75 मिलियन एकड़ फीट &lpar;MAF&rpar; पानी में से बिहार को 5&period;57 MAF और झारखंड को करीब 2 MAF पानी मिलने की बात सामने आई है। कुमार सौरभ सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर समझौता करने से पहले क्या बिहार विधानसभा या किसान संगठनों से विमर्श किया गया था&quest; उन्होंने दक्षिण बिहार के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने विशेष रूप से औरंगाबाद&comma; गया&comma; जहानाबाद और अरवल जिलों में सिंचाई से जुड़ी उत्तर कोयल नहर परियोजना और बटाने नदी की हंडियाही परियोजना का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इन परियोजनाओं के लिए क्या झारखंड सरकार से NOC लेना आवश्यक नहीं था और जल बंटवारे के समझौते से पहले इन पहलुओं पर पर्याप्त विचार किया गया था या नहीं। जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि दक्षिण बिहार के किसानों के हित में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने सरकार से जल बंटवारे के समझौते और उससे बिहार की सिंचाई परियोजनाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।<&sol;p>&NewLine;

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