जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने लगाया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटना&comma; अजीत।<&sol;mark><&sol;strong> जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की ओर से लखीसराय में तीन कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। पहले निशुल्क स्वास्थ शिविर का आयोजन हुआ&comma; जिसमें 100 से अधिक लोगों ने भाग लिया। लोगों को इस दौरान हृदय रोग&comma; कैंसर&comma;किडनी और हड्डी रोग से जुड़ी अहम जानकारी मिली।इस स्वास्थ्य शिविर का सहयोग जिला स्वास्थ्य समिती लखीसराय द्वारा किया गया था। इसके बाद लखीसराय के होटल संगम में लायन क्लब के सौजन्य से सीपीआर प्रोग्राम का अयोजन किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मेदांता हार्ट इंस्टीट्यूट के क्लिनिकल एंड प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी के डायरेक्टर डॉक्टर अजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सीपीआर दरअसल कार्डियोपलमोनरी रिससिटेशन को कहते हैं। इसे मेडिकल इमरजेंसी में देकर किसी व्यक्ति की सांस रुकने&comma; दिल के रुकने की हालत में देकर उसकी जान बचाई जा सकती है। यह हार्ट के बंद होने के बाद फिर चालू करने की प्रक्रिया है। अगर किसी को सीपीआर देना होता है तो प्रति 3 मिनट 100 सीपीआर देने की जरूरत होती है साथ ही साथ हर 3 मिनट पर एक बार सांस देना होता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉक्टर अजय कुमार सिन्हा ने आगे कहा कि आज की तारीख में हेल्थ में बदलाव हुआ है। हार्ट अटैक को लेकर कोई लिमिट नहीं रह गई है कि कब&comma; किसे और कितनी उम्र में हार्टअटैक हो सकता है। अभी जिस तरह के वातावरण बने हुए हैं उसमें हार्ट अटैक की संख्या बढ़ गई है। इसलिए हर किसी को यह जानना जरूरी है कि सीपीआर देने पर कैसे हार्ट अटैक की संभावना को एक हद तक रोका जा सकता है&quest; सीपीआर देने की तकनीक को कोई भी जान सकता है और इसकी मदद से लोगों की जान बचाई जा सकती है।<br &sol;>।डॉक्टर चंद्रा मोहन&comma; डॉक्टर जेपी शर्मा और डॉक्टर मनीष कुमार ने अधिक जानकारी दी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आखिर में एक सीएमई इंटरएक्टिव सेशन का आयोजन आईएमए लखीसराय के सहयोग से हुआ। होटल संगम में मेदांता इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी एंड यूरोलॉजी के डायरेक्टर डॉक्टर प्रभात रंजन ने रिट्रोग्रेड इंटरनल सर्जरी पर जानकारी दी। इस मौके पर चेयर पर्सन डॉक्टर दिलीप कुमार&comma; डॉक्टर केके नयन और डॉक्टर अशोक कुमार सिंह मौजूद थे। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए मेदांता कैंसर संस्थान&comma;बाल चिकित्सा हेमेटोलॉजी ऑन्कोलॉजी के वरिष्ठ सलाहकार ने डॉ&period; अमित कुमार बच्चों में कैंसर का संदेह कब करें पर बात की । अध्यक्ष के रूप में डॉ रामानुज प्रसाद सिंह&comma;डॉ&period; सुरेश शरण&comma;डॉ&period; श्याम सुंदर सिंह मौजूद थे।मेदांता इंस्टीट्यूट ऑफ मस्कुलोस्केलेटल डिसऑर्डर एंड ऑर्थोपेडिक्स केवरिष्ठ सलाहकार डॉ&period; &lpar;एलटी&period; कर्नल&rpar; संतोष कुमार सिंह ने बाल चिकित्सा से वृद्धावस्था तक&colon; मेदांता में एक फास्ट-ट्रैक आर्थोपेडिक देखभाल पर बात की। जिसमें अध्यक्ष के रूप में डॉ आलोक कुमार&comma;डॉ&period; जे पी शर्मा&comma; आईएमए लखीसराय के डॉ प्रवीण कुमार सिन्हा और आईएमए लखीसराय सचिव डॉ&period; आलोक कुमार मौजुद थे।<&sol;p>&NewLine;

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