इस्लामिया टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में 12 दिवसीय बीएड कार्यशाला का समापन, शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण की मिली नई दिशा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित। <&sol;strong>फुलवारी शरीफ स्थित इस्लामिया टीचर्स ट्रेनिंग &lpar;बीएड&rpar; कॉलेज में आयोजित 12 दिवसीय इग्नू बीएड कार्यशाला का सफल समापन हुआ&period; इस कार्यशाला में बिहार के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने शैक्षिक कौशल को विकसित किया। कार्यशाला के दौरान पाठ्यक्रम विश्लेषण&comma; पाठ्यक्रम का संदर्भानुसार उपयोग&comma; मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली&comma; सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी&comma; मार्गदर्शन एवं परामर्श&comma; तनाव निवारण तकनीक&comma; दैनिक लेखा मूल्यांकन तथा प्रशिक्षण गतिविधियों की रिपोर्ट जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई&period; विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों ने व्याख्यान एवं गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया। इस अवसर पर डॉ&period; मंजुला&comma; डॉ&period; बेबी रानी&comma; डॉ&period; राजीव कुमार&comma; वरुण कुमार&comma; शीला सुमन&comma; डॉ&period; अनुभा सिन्हा&comma; डॉ&period; शीबा कमर तथा डॉ&period; अमिता कुमारी ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में अपने विचार रखे और प्रशिक्षण सत्रों का संचालन किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कॉलेज के चेयरमैन डॉ&period; हाजी खुर्शीद हसन ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों के व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उन्हें नई शैक्षणिक दृष्टि प्रदान करती हैं&period; उन्होंने प्रतिभागियों को निरंतर सीखते रहने और समाज के हित में अपने ज्ञान का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्य आर&period; के&period; अरुण ने कहा कि इग्नू की यह कार्यशाला शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है&period; उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं संसाधन व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समापन समारोह में क्षेत्रीय निदेशक ई&period; कृष्णा राव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे&period; उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए सक्षम बनाते हैं। कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने स्वागत गीत&comma; शायरी&comma; कविता और नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी&comma; जिससे समारोह यादगार बन गया&period; अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।<&sol;p>&NewLine;

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