स्कूलों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देश भर के सभी निजी विद्यालयों में योग दिवस का आयोजन एक नई ऊंचाई पर पहुंचा। इन कार्यक्रमों में लाखों छात्र-छात्राओं&comma; शिक्षकों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने इस ऐतिहासिक आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा आज जब दुनिया मानसिक तनाव&comma; जीवनशैली संबंधी रोगों और असंतुलन से जूझ रही है&comma; ऐसे में योग ही एकमात्र ऐसा मार्ग है जो व्यक्ति को भीतर से सशक्त बनाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने यह भी कहा कि योग बच्चों को न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है&comma; बल्कि उनमें अनुशासन&comma; एकाग्रता&comma; भावनात्मक स्थिरता और आत्म-विश्वास भी विकसित करता है। आज के बच्चे कल के कर्णधार हैं। यदि हम उनमें योग के माध्यम से संयम&comma; स्थिरता और मानसिक मजबूती का संस्कार भर दें&comma; तो भारत का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एसोसिएशन के सभी विद्यालयों से रिपोर्ट आ रही है जिसके अनुसार देश भर के&comma; हर स्कूल में सूर्य नमस्कार&comma; ताड़ासन&comma; वज्रासन&comma; अनुलोम-विलोम&comma; कपालभाति&comma; भुजंगासन&comma; शवासन और ध्यान आदि योग क्रियाओं का अभ्यास कराया गया। कई स्कूलों में बच्चों द्वारा योग के महत्व पर भाषण&comma; पोस्टर प्रदर्शनी&comma; रंगोली और लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। सैयद शमायल अहमद ने यह भी कहा कि आने वाले समय में योग को शिक्षा व्यवस्था का अनिवार्य अंग बनाने की दिशा में एसोसिएशन नीति-निर्माताओं से आग्रह करेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हमारा उद्देश्य केवल एक दिन योग मनाना नहीं है&comma; बल्कि बच्चों की दिनचर्या में इसे पूरी तरह समाहित करना है। स्वास्थ्य&comma; चरित्र निर्माण और मानसिक संतुलन के लिए यह उतना ही जरूरी है जितना गणित और विज्ञान। आज विश्व का हर कोना योग को स्वीकार कर रहा है। यह न केवल भारत की सांस्कृतिक जीत है&comma; बल्कि एक मानवता-केन्द्रित वैश्विक आंदोलन की शुरुआत है। एसोसिएशन के राज्य अध्यक्षों&comma; जिला समन्वयकों और विद्यालय प्रमुखों को धन्यवाद देते हुए श्री अहमद ने आश्वस्त किया कि इस प्रकार के आयोजन आगे भी लगातार होते रहेंगे और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एसोसिएशन हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा।<&sol;p>&NewLine;

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