राजगीर महोत्सव सम्मान 2025 से सम्मानित हुए अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>राजगीर&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> नालंदा जिले के ऐतिहासिक नगर राजगीर के स्टेट हॉकी मैदान परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राजगीर महोत्सव के समापन अवसर पर विकसित बिहार की थीम पर भव्य रेत कला प्रस्तुत करने वाले देश के चर्चित अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार को &OpenCurlyDoubleQuote;राजगीर महोत्सव सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बिहार सरकार के कला&comma; संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन नालंदा की ओर से नालंदा के एडीएम राजीव रंजन और जिला कला पदाधिकारी शालिनी प्रकाश ने संयुक्त रूप से मुख्य मंच पर प्रशस्ति पत्र&comma; स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र प्रदान कर दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>महोत्सव के दौरान सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने कड़ाके की ठंड में लगभग 12 घंटे लगातार मेहनत कर 100 टन बालू से 10 फीट ऊंची और 20 फीट लंबी भव्य रेत कलाकृति का निर्माण किया। यह कलाकृति बिहार सरकार की &OpenCurlyDoubleQuote;विकसित बिहार” की अवधारणा और सात निश्चय-3 योजना पर आधारित रही। अपनी इस रचना के माध्यम से मधुरेंद्र ने बिहार में रोजगार सृजन&comma; औद्योगिक विकास&comma; कृषि&comma; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा&comma; स्वास्थ्य सुविधाओं और तकनीक आधारित सुशासन का सशक्त संदेश दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>महोत्सव में पहुंचे जिलाधिकारी कुंदन कुमार सहित अधिकारियों&comma; कला प्रेमियों और देश-विदेश से आए पर्यटकों ने मधुरेंद्र की रेत कला की जमकर सराहना की। यह कलाकृति महोत्सव का मुख्य आकर्षण बनी रही&comma; जिसे देखने और उसके साथ सेल्फी लेने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार पिछले 20 वर्षों से राजगीर महोत्सव के ऐतिहासिक मंच पर अपनी उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन करते आ रहे हैं और कई बार सम्मानित हो चुके हैं। इससे पूर्व भी वे नालंदा की ऐतिहासिक विरासत को विश्व पटल पर रेत कला के माध्यम से प्रस्तुत कर नई पीढ़ी को जागरूक कर चुके हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मौके पर उपस्थित लोगों ने कहा कि मधुरेंद्र कुमार की रेत कलाकृति ने न केवल राजगीर महोत्सव की शोभा बढ़ाई&comma; बल्कि 100 टन रेत से उकेरी गई यह अनूठी कृति सात निश्चय-3 योजना के तहत शिक्षा&comma; स्वास्थ्य और रोजगार के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही है।<&sol;p>&NewLine;

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