विश्व यक्ष्मा दिवस पर मंडल कारा के कैदियों की होगी टीबी की जांच

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पूर्णिया&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> भारत से टीबी जैसी बीमारी को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर विभिन्न तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 तक इस बीमारी के उन्मूलन को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाना है। जिसको लेकर विश्व टीबी &lpar;यक्ष्मा&rpar; दिवस के अवसर पर राज्य के सभी मंडल कारा में बंद कैदियों के बीच जागरूकता अभियान के साथ ही टीबी से संबंधित बीमारियों की जांच एवं उपचार के लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मंडल कारा के कैदियों के बीच टीबी को लेकर चलाया जाएगा जागरूकता अभियान&colon; डॉ मिहिरकान्त<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>ज़िला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ मिहिरकान्त झा ने बताया कि यक्ष्मा विभाग के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ बाल कृष्ण मिश्र के द्वारा पत्र जारी कर कहा गया है कि देश में प्रत्येक वर्ष लगभग 5&period;24 लाख लोग टीबी जैसी बीमारी के कारण काल के गाल में समा जाते हैं। यह आंकड़ा दुनिया के अन्य देशों से अधिक है&comma; वहीं जेल के कैदियों में सामान्य लोगों की अपेक्षा टीबी की बीमारी होने का खतरा अधिक होता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिसको लेकर राज्य में विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर जिले के सभी कारागारों में टीबी से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आगामी 24 मार्च को पूर्णिया स्थित केन्द्रीय कारा में टीबी से संबंधित कैदियों की जांच&comma; उपचार एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मंडल कारा के अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। ताकि उस दिन आसानी से कैदियों की जांच सुनिश्चित कर राज्य मुख्यालय द्वारा निर्धारित दिन शत प्रतिशत कैदियों की जांच कराई जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>यक्ष्मा केंद्र के कर्मियों द्वारा लक्षणों के आधार पर की जाएगी स्क्रीनिंग&colon; डीपीएस<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>डीपीएस राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि मंडल कारा के कैदियों की टीबी जांच&comma; उपचार एवं जागरूकता के लिए जिला यक्ष्मा केंद्र के स्वास्थ्य परिदर्शक राजनाथ झा&comma; यक्ष्मा इकाई बनमनखी के वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षक अनिलानंद झा&comma;<br>बीसीजी प्रावैधिक जयदेव कुमार&comma; टीबी स्वास्थ्य परिदर्शक प्रशांत कुमार को प्रतिनियुक्त किया गया है। ज़िले में निरंतर टीबी की पहचान&comma; जांच एवं उपचार की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए विश्व यक्ष्मा दिवस के दिन जेल में बंदियों के अलावा कर्मियों के बीच टीबी के बारे में व्यापक स्तर पर जानकारी के लिए जागरूकता कार्यक्रम होगा। साथ ही आगामी 25 मार्च से लेकर 13 अप्रैल के बीच यक्ष्मा केंद्र के कर्मियों के द्वारा लक्षणों के आधार पर स्क्रीनिंग की जानी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>टीबी &lpar;क्षयरोग&rpar; के मुख्य लक्षण&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>-लगातार 3 हफ्तों से खांसी का आना और आगे भी जारी रहना।<br>-खांसी के साथ खून का आना।<br>-छाती में दर्द और सांस का फूलना।<br>-वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस होना।<br>-शाम को बुखार का आना और ठंड लगना।<br>-रात में पसीना आना।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

केंद्र सरकार ने कई राज्यों के राज्यपाल बदले, बिहार को मिला नया राज्यपाल

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, सीएम नीतीश कुमार सहित एनडीए के सभी पांच उम्मीदवारों ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरा‎

होली के जश्न में हादसा : हर्ष फायरिंग में एक की मौत, दूसरा घायल