फाईलेरिया मरीजों को फाइलेरिया के प्रबंधन के बारे में दी गयी जानकारी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">दानापुर&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> प्रखंड के दाउदपुर गाँव के मरीजों में किया गया एमएमडीपी किट का वितरण<br>पटना&sol; 18 अप्रैल- फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पटना जिले के दानापुर प्रखंड के दाउदपुर गांव के 3 हाथीपांव के मरीजों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण किया गया&period; दानापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल 5 फ़ाइलेरिया मरीजों को चिकित्सीय सेवा उपलब्ध करायी गयी&period; पाँचों फ़ाइलेरिया रोगियों की पूरी जांच की गयी और उन्हें दवा भी उपलब्ध करायी गयी&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फाइलेरिया से ग्रसित शरीर के अंगों को साफ-सुथरा रखने की जरूरत<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>दानापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सक डॉ&period; विद्या कुमारी ने सभी फाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी किट का किस प्रकार उपचार में उपयोग एवं आवश्कता पर विस्तार से जानकारी दी&period; उन्होंने सभी मरीजों के समक्ष एक रोगी के पैर की सफाई कर उपस्थित मरीजों को एमएमडीपी की विधि बताई&period; उन्होंने बताया कि फाइलेरिया संक्रमित होने पर व्यक्ति को हर महीने एक-एक सप्ताह तक तेज बुखार&comma; पैरों में दर्द&comma; जलन&comma; के साथ बेचैनी होने लगती है&period; एक्यूट अटैक के समय मरीज को पैर को साधारण पानी में डुबाकर रखना चाहिए या भीगे हुए धोती या साड़ी को पैर में अच्छी तरह लपेटना चाहिए&period; इससे मरीजों को तत्काल राहत मिलती है और उनका दर्द एवं सुजन कम जाता है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>इन्हें मिली एमएमडीपी किट<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>दाउदपुर गाँव के माँ दुर्गा पेशेंट सपोर्ट ग्रुप की फुलझरिया देवी&comma; शांति देवी एवं मानती देवी को चिकित्सकों द्वारा एमएमडीपी किट उपलब्ध करायी गयी&period; कुल 5 मरीजों की जांच की गयी जिसमे 4 हाथीपांव के मरीज एवं एक मरीज हाइड्रोसिल से ग्रसित हैं&period; शांति देवी ने बताया कि हमें किट प्रदान की गयी और फ़ाइलेरिया के बारे में कई जानकारी प्राप्त हुई&period; हमारा विश्वास सरकारी अस्पताल पर बढ़ा है और हम फ़ाइलेरिया के लक्षण दिखाई पड़ने वाले लोगों को तत्काल यहाँ आकार जांच कराने के लिए प्रेरित करेंगे&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरिया<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>दानापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ&period; अरविंद कुमार ने मरीजों को जानकारी देते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में फाइलेरिया से ग्रसित मरीजों को नि&colon;शुल्क दवाएं दी जा रही है&period; यह रोग संक्रमित क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है और काटने के बाद किसी भी व्यक्ति को काटता है तो उसे भी संक्रमित कर देता है&period; इससे या तो व्यक्ति के हाथ-पैर में सूजन की शिकायत होती है या फिर अंडकोष में सूजन आ जाती है&period; फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है और इसका इसका कोई स्थायी इलाज संभव नहीं है&period; इसे शुरुआत में ही पहचान करते हुए रोका जा सकता है&period; इसके लिए संक्रमित व्यक्ति को फाइलेरिया ग्रसित अंगों को पूरी तरह स्वच्छ पानी से साफ करना चाहिए।<&sol;p>&NewLine;

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