विश्व विरासत दिवस पर हेरिटेज वाक का आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटनासिटी&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> विश्व विरासत दिवस के पावन अवसर पर हेरिटेज सोसाइटी ऑफ बिहार तथा श्री गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में हेरिटेज वाक का आयोजन किया गया। आज प्रातः 6&colon;00 बजे श्री गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय के प्रगतिशील प्राचार्य प्रो० &lpar;डॉ०&rpar; कनक भूषण मिश्र के नेतृत्व में हेरिटेज वाक का आयोजन गंगा नदी के किनारे सुबह 6&colon;00 बजे से बांकीपुर क्लब में पहुंचा। हेरिटेज वाक के सभी सदस्यों को हेरिटेज सोसाइटी के द्वारा टी-शर्ट तथा टोपी प्रदान किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> रास्ते में विभिन्न पुराने मूर्तियों को देखा गया तथा उसके बारे में हेरिटेज सोसाइटी के प्रमुख डॉ अनन्ताशुतोश द्विवेदी के द्वारा व्याख्या किया गया। विश्व विरासत दिवस का आयोजन श्री गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय पटना सिटी एवं हेरिटेज सोसाइटी ऑफ बिहार के द्वारा 14 दिनों तक विभिन्न साधनोंसेबीयो के द्वारा शाम 7&colon;00 बजे आभासी माध्यम के द्वारा प्राचीन भारतीय विरासत पर गंभीर चर्चा हुई। जिसका उद्घाटन महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो० &lpar;डॉ०&rpar; कनक भूषण मिश्र ने किया । इस दो सप्ताह के आयोजित कार्यशाला में प्राचीन भारतीय एशियाई अध्ययन के विभिन्न विद्वानों ने भाग लिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय एवं एशियाई अध्ययन के प्रमुख डॉ विनीता मिश्रा&comma; डॉ संजय कुमार मंजुल&comma; संयुक्त निदेशक आर्कोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया&comma; बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रमुख विद्वान तथा पटना विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास एवं एशियाई अध्ययन के अध्यापकों ने भाग लिया। आज के विश्व विरासत दिवस के अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि बिहार का बोध गया तथा नालंदा को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने का गौरव प्राप्त है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आज के दिवस की महानता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक थातियों अपने दामन बिहार में समेटे बिहार के पास विश्व धरोहर सूची में शामिल होने की दक्षता रखनेवाले आधा दर्जन से अधिक बेशकीमती विरासत स्थल है। इनकी खूबियों&comma; खासियतों&comma; ऐतिहासिकता तथा इनका महत्व काफी ज्यादा है। डॉ अंबुज किशोर झा&comma; विभागाध्यक्ष&comma; प्राचीन भारतीय एवं एशियाई अध्ययन श्री गुरु गोविंद सिंह महाविद्यालय&comma; पटना सिटी ने उपस्थित समूह को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के पुरातात्विक स्थलों में सबसे प्रमुख नाम वैशाली का है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने अपने भाषण में जहानाबाद के बाणावर की नागार्जुन गुफा का नाम लिया। इस हेरिटेज वाक में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ उमेश कुमार&comma; आइ&period;क्यू&period;ए&period;सी के समन्वयक डॉ विकास कुमार&comma; डॉ अनन्ताशुतोष द्विवेदी बिहार हेरिटेज सोसाइटी के प्रमुख डॉ सत्यजीत कुमार&comma; कैलाश चंद्र झा&comma; डॉ सुजीत नयन&comma; मिथिलेश मिश्र&comma; चंदन दिवेदी&comma; आशीष वहल&comma; नीरज कुमार&comma; नीरज सिंह तथा डॉ राकेश नाथ चौबे ने प्रमुख रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का समापन विश्व विरासत दिवस पर हेरिटेज वाक के आयोजन से किया गया।कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों के बीच अल्पाहार तथा पेय पदार्थ का वितरण किया गया।<&sol;p>&NewLine;

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