भारतीय नृत्य कला मंदिर में 8 से 16 साल के बच्चों को मिलेगा प्रशिक्षण, निदेशक रूबी ने किया उद्घाटन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>  <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना &colon; à¤œà¤¯à¤¾ कुमारी &colon; <&sol;strong>कला एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत भारतीय नृत्य कला मंदिर की ओर से 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला-2026 का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक रूबी ने कार्यशाला का उद्घाटन किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>निदेशक बोलीं- प्रतिभा को मिलेगी सही दिशा&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उद्घाटन सत्र में निदेशक रूबी ने कहा&comma; &&num;8220&semi;बच्चों में लोक संगीत&comma; वादन एवं नृत्य के प्रति बढ़ती रूचि अत्यंत उत्साहजनक है। प्रशिक्षकों के लिए यह चुनौतीपूर्ण दायित्व है कि वे बच्चों को सर्वोत्तम प्रशिक्षण दें&comma; ताकि उनकी प्रतिभा को सही दिशा मिल सके।&&num;8221&semi; उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यशाला प्रतिभागियों के कौशल विकास&comma; सांस्कृतिक समझ और कलात्मक अभिव्यक्ति को नई दिशा देगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>8 से 16 साल के बच्चों को मिलेगा प्रशिक्षण&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यशाला में 8 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को गायन&comma; वादन एवं नृत्य की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागी भारतीय शास्त्रीय एवं लोक कलाओं की बारीकियां सीखेंगे। साथ ही मंचीय प्रस्तुति&comma; लय&comma; ताल एवं सांगीतिक अभिव्यक्ति के विभिन्न आयामों से भी अवगत कराया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>14 जून तक चलेगी कार्यशाला&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह कार्यशाला 5 से 14 जून तक रोजाना सुबह 10 बजे से संचालित होगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं को कला की विभिन्न विधाओं से जोड़ना तथा उनकी सांस्कृतिक एवं रचनात्मक क्षमताओं का विकास करना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में भारतीय नृत्य कला मंदिर की सचिव अमृता प्रीतम ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर बिहार संगीत अकादमी के संयुक्त सचिव महमूद आलम&comma; प्रशिक्षक&comma; अभिभावक एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

भाजपा की नई मूल टीम में बुनकर समाज की उपेक्षा दुर्भाग्यपूर्ण : मंजीत आर्या तांती

विक्रमशिला सेतु पर बने चार बेली ब्रिज कल होंगे जनता को समर्पित : ई. कुमार शैलेंद्र

बरबीघा अंचल कार्यालय में डीएम-एसपी का जनता दरबार, भूमि विवादों के जल्द निपटारे के निर्देश