पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि मे मानव जीवन की सुरक्षा के लिए कनाडा से सीखे भारत : गुरुदेव प्रेम जी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> पर्यावरण संरक्षण के बगैर आज हमारा भारत का अधिकांश राज्य और जिला शहर प्रदूषण से कराह रहा है&period; पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अगर देखा जाए तो मानव जीवन की सुरक्षा के लिए कनाडा सबसे बेहतर उपाय कर रहा है&period; कनाडा में एक व्यक्ति पर ₹9000 है जबकि भारत में एक व्यक्ति के लिए महज 24 पेड़ है&period; यह बातें प्रख्यात शिक्षाविद पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने जीवन को समर्पित करने वाले प्रेमलोक मिशन स्कूल के निदेशक गुरुदेव प्रेम जी ने आरा में एक निजी विद्यालय में पौधा रोपण करने के बाद कहा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गुरुदेव ने बताया कि भारत में आजादी के बाद से ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति कोई ठोस उपाय नहीं किया गया जिसका दंश आज देश को झेलना पड़ रहा है&period; आज पर्यावरण का क्या हाल है यह किसी से छिपा नहीं है&period; आज गर्मी प्रचंड रूप में लोगों को झुलसा रही है&period; पेड़ काटते चले गए उस अनुरूप पेड़ों को लगाया नहीं गया&period; गुरुदेव ने हवन किया कि रोजाना लगभग सभी लोगों को पौधारोपण करना चाहिए तब जाकर हमारी प्रकृति धरा और मानव जीवन हरा भरा हो सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दरअसल&comma; प्रख्यात शिक्षाविद् और पर्यावरण विद् गुरुदेव प्रेम जी भोजपुर के आरा में जीन पॉल विद्यालय में वृहद पैमाने पर हरित बिहार हरित भोजपुर हरित विद्यालय के मकसद सें वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे&period; वहां गुरुदेव के मार्गदर्शन में सैकड़ो वृक्षों को लगाया गया और वहां के बच्चों और शिक्षकों को पौधों के संरक्षण के लिए जरूरी दिशा निर्देश भी दिए गए&period; गुरुदेव ने बताया कि कार्यक्रम में पहुंचे डी एफ ओ भोजपुर के द्वारा सहयोग देने का वचन दिया गया&period;इस अवसर पर विद्यालय की निदेशिका मती मधु पाल ने आए अतिथियों का भरपूर स्वागत किया।<&sol;p>&NewLine;

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