एसडीभी पब्लिक स्कूल में सावन की हरियाली में महक उठी माताओं-बेटियों की सहभागिता, मेंहदी रची हथेलियों ने बिखेरा उत्सव का रंग

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> नत्थूपुर रोड स्थित एस&period; डी&period; भी&period; पब्लिक स्कूल&comma; कुरथौल के प्रांगण में शनिवार को सावन की फुहारों संग &OpenCurlyDoubleQuote;सावन महोत्सव” का रंगारंग आयोजन किया गया&period; हरी चूड़ियों&comma; रंग-बिरंगे परिधानों और रची-रची हथेलियों से स्कूल परिसर उत्सव के रंग में पूरी तरह सराबोर दिखा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के उप-निदेशक अनिल कुमार&comma; प्राचार्य सुरेन्द्र कुमार और उप-प्राचार्य सुरेश कुमार पाण्डेय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया&period; महोत्सव में विद्यालय की कक्षा पंचम से द्वादश तक की छात्राओं ने अपनी माताओं के साथ पूरे उत्साह और उल्लास के साथ भाग लिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम की शुरुआत उप-प्राचार्य सुरेश कुमार पाण्डेय के आशीर्वचनों और श्रावण मास के शास्त्रीय महत्व की व्याख्या से हुई&period; उन्होंने बताया कि श्रावण मास में ही समुद्र मंथन हुआ था और विषपान के उपरांत शिव को जलाभिषेक द्वारा शांत किया गया&comma; जिसके स्मरण में आज भी यह परंपरा निभाई जाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सावन महोत्सव में मुख्य आकर्षण रही मेंहदी प्रतियोगिता&comma; जिसमें छात्राओं ने अपनी माताओं व बहनों की हथेलियों पर भावनाओं और कल्पनाओं की खूबसूरत बेलें सजाईं&period; रंगों की इस रोमांटिक अभिव्यक्ति में IX-B की साक्षी प्रिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया&period; VIII-B की गुंजा कुमारी ने दूसरा स्थान हासिल किया और VIIIA की अनोखी गुप्ता ने अपनी कलाकारी से तीसरा स्थान प्राप्त कर सबका मन मोह लिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विजेता छात्राओं को विद्यालय के उप-निदेशक अनिल कुमार&comma; प्राचार्य सुरेन्द्र कुमार और उप-प्राचार्य सुरेश कुमार पाण्डेय ने प्रेमपूर्वक पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से छात्राओं का मनोबल बढ़ाया और सावन की फिजाओं में रस घोल दिया&period; उत्सव न केवल सांस्कृतिक रंगों से सराबोर था बल्कि उसमें भावनात्मक गहराई और पारिवारिक स्नेह की मिठास भी घुली हुई थी।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

नितिश कुमार के पुत्र निशांत कुमार तख्त पटना साहिब नतमस्तक हुए

हड़ताल से नहीं लौटने वाले भू-राजस्व पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज : मंत्री

मुख्यमंत्री ने जे०पी० गंगा पथ अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का किया निरीक्षण