बिहटा के एनएसएमसीएच में महिला ने एक साथ जन्मे तीन बच्चे, मां व शिशु चारों स्वस्थ्य

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">बिहटा&lpar;आनंद मोहन&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> प्रखंड मे अमहारा स्थित एनएसएमसीएच में शनिवार को मनेर नगर निवासी श्रीमती ने एक साथ तीन स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। तीनों बच्चे और मां पूरी तरह स्वस्थ बताए गए हैं। उनका इलाज स्त्री एवम प्रसूति रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ विनीता सहाय एवं एसोसिएट प्रोफ डॉ अनामिका पांडेय&comma;असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ स्वेता सिंह&comma; डॉ स्वाति &comma;डॉ अंजलि एवं डॉ सुमन कर रही थीं। डॉ विनीता सहाय एवं एसोसिएट प्रोफ डॉ अनामिका पांडेय और उनकी टीम नार्मल डिलीवरी के तहत तीन स्वस्थ बच्चों का जन्म कराया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>तीनो जुड़वां बच्चों में से पहला लड़का 1500 ग्राम &comma;दूसरा लड़का 1900 ग्राम तथा तीसरी लड़की 1835 ग्राम की है&comma; जिन्हें अभी एनआईसीयू में रखा गया है प्रोफेसर डॉ&period; स&period;बी कुमार एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ निस्तिश कुमार की निगरानी में है । इन्हें भी जल्द ही सौंप दिया जाएगा। सामान्य तौर पर मेडिकल साइंस के हिसाब से एक हजार में किसी एक महिला के एक साथ तीन बच्चे हो सकते हैं। लेकिन सामान्य डिलीवरी में ऐसा कम ही होता है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसी तरीके से एनएसएमसीएच में कई बड़े से बड़े और जटिल से जटिल इलाज को कम से कम खर्चों में करके लगातार बिहार में एक आदर्श उदाहरण पेश कर रहा है तथा बी पी एल कार्ड धारको को मुफ्त मे लिवर के इलाज के लिए लगे आधुनिक मशीन &lpar;फ़िब्रोस्कैन मशीन&rpar; का जांच मुहैया करवाया जा रहा जो की लिवर संक्रमण का निदान करने के लिए लिवर की कठोरता को मापता है।<&sol;p>&NewLine;

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