नवरात्रि में विसर्जन पर संकट – शिव मंदिर तालाब सूखा, मां दुर्गा की प्रतिमाएं कहां विसर्जित होंगी?

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है&comma; लेकिन इस बार फुलवारी शरीफ में मां दुर्गा के विसर्जन को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है&period; परंपरा के अनुसार प्रखंड के प्राचीन शिव मंदिर तालाब में प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता रहा है&comma; लेकिन इस वर्ष तालाब पूरी तरह सूखा है&period; स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि तालाब सूखने के पीछे ठेकेदार की मनमानी और कार्य में लापरवाही जिम्मेदार है&period;फुलवारी शरीफ के नागरिकों का कहना है कि तालाब का सूखना केवल धार्मिक परंपरा को ही प्रभावित नहीं करता&comma; बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय आस्था के लिए भी चिंता का विषय है&period; यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो विसर्जन की परंपरा को पूरी तरह खतरा हो सकता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>श्रद्धालु बताते हैं कि तालाब में एक बूंद पानी तक नहीं है&period; उन्होंने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि तुरंत तालाब में पानी भरवाया जाए ताकि परंपरा का उल्लंघन न हो&period; अब सवाल यह है कि अगर तालाब में पानी नहीं होगा तो मां दुर्गा की प्रतिमाएं कहां विसर्जित होंगी&period; यह संकट पूरे क्षेत्र में चिंता का कारण बन गया है&comma; क्योंकि नवरात्रि का विसर्जन पर्व धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कुछ स्थानीय नेताओं और नागरिक संगठनों ने सुझाव दिया है कि जहां हाल ही में 11 सितंबर 2025 को एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ था&comma; उसके पीछे जमा बरसात और नाले के पानी को अस्थायी तालाब बना कर विसर्जन कराया जा सकता है&period; लेकिन श्रद्धालु यह चाहते हैं कि शिव मंदिर घाट का प्राचीन तालाब ही परंपरागत स्थल बना रहे&comma; क्योंकि यह वर्षों से चलती आ रही परंपरा का प्रतीक है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्थानीय सामाजिक संगठन और सूर्य मंदिर छठ पूजा समिति के अध्यक्ष कृष्णा पासवान ने कहा&comma; &OpenCurlyDoubleQuote;नगर परिषद और प्रशासन के पास सभी साधन उपलब्ध हैं&period; यदि चाहें तो तालाब के एक कोने में गड्ढा खोदकर पानी भरवाया जा सकता है और मां का विसर्जन उसी स्थान पर कराया जा सकता है&period; हमें उम्मीद है कि प्रशासन श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बताया जाता है कि तालाब में पानी भरवाने के लिए नगर परिषद के अधिकारियों से लोग सम्पर्क में हैँ&period; स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने भी नगर परिषद औऱ जिला प्रशासन से अपील की है कि वे स्वयं मौके पर आकर स्थिति का निरीक्षण करें और जलस्तर को देखते हुए उचित समाधान निकालें।<&sol;p>&NewLine;

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