हिन्दी, संस्कृत, उर्दू एवं मैथिली विभागाध्यक्षों द्वारा स्वरचित काव्य पाठ तथा निबंध प्रतियोगिता का आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>दरभंगा&comma; à¤†à¤¶à¥€à¤· रंजन<&sol;strong> &colon; अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर 21 फरवरी&comma; 2026 को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय&comma; दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में मुख्य समारोह का आयोजन जुबिली हॉल में किया जाएगा। आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के उद्देश्य से मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो मंजू राय की अध्यक्षता में अंग्रेजी विभाग में एक बैठक का आयोजन किया गया&comma; जिसमें हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो उमेश कुमार&comma; मैथिली विभागाध्यक्ष प्रो दमन कुमार झा&comma; उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो इफ्तेखार अहमद&comma; संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ कृष्णकान्त झा&comma; मैथिली-प्राध्यापक प्रो अशोक कुमार मेहता&comma; संस्कृत-प्राध्यापक डॉ आर एन चौरसिया&comma; अंग्रेजी के पूर्व प्राध्यापक डॉ अमरेन्द्र शर्मा&comma; मैथिली- प्राध्यापक डॉ सुरेश पासवान&comma; उर्दू- प्राध्यापक डॉ मो मोतीउर रहमान&comma; शोधार्थी-ज्योति कुमारी एवं सौरभ सुमन तथा सहायक इमरान अली खान आदि उपस्थित हुए।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में निर्णय लिया गया कि समारोह की अध्यक्षता हेतु कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी से आग्रह किया जाएगा&comma; जबकि अतिथियों एवं वक्ताओं का निर्णय उनसे विमर्श कर संयोजक प्रो मंजू राय करेंगी। आयोजक उक्त चारों विभागों में अलग-अलग स्वचित काव्य पाठ एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन कराकर विभागाध्यक्ष दोनों प्रतियोगिताओं में प्रथम&comma; द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों की सूची 17 फरवरी तक मानविकी संकायाध्यक्ष को उपलब्ध करा देंगे&comma; ताकि उन्हें मुख्य समारोह में प्रमाण पत्र&comma; मेडल आदि से सम्मानित किया जा सके।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समारोह के संयोजक प्रो मंजू राय ने बताया कि निबंध प्रतियोगिता का विषय- &&num;8216&semi;राष्ट्र-निर्माण में मातृभाषा का योगदान&&num;8217&semi; रखा गया है&comma; जबकि स्वरचित काव्य पाठ का विषय स्वतंत्र रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थी एवं शोधार्थी संबंधित विषयक स्नातकोत्तर विभाग में अपना नाम 10 फरवरी&comma; 2026 तक उपलब्ध करा सकते हैं। वहीं सह संयोजक डॉ आर एन चौरसिया ने बताया कि किसी भी विषय के शोधार्थी एवं विद्यार्थी अपनी इच्छानुसार हिन्दी&comma; संस्कृत&comma; उर्दू या मैथिली भाषा के माध्यम से किसी एक विभाग द्वारा निर्धारित तिथि को आयोजित प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। अलग-अलग चारों भाषण के काव्य-पाठ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी मुख्य समारोह में भी अपनी प्रस्तुति दें सकेंगे।<&sol;p>&NewLine;

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