हिंदी हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, एकता और अखंडता का प्रतीक है : शशि भूषण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>हाजीपुर&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> हिंदी दिवस के अवसर पर हाजीपुर शहर स्थित टैगोर किड्स एंड हाई स्कूल में हिंदी भाषा के महत्व को लेकर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं&comma; कर्मचारियों अभिभावकों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया।इस अवसर पर वैशाली जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष एवं विद्यालय के निदेशक डॉ&period; शशि भूषण कुमार ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं&comma; बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता एकता और अखंडता का प्रतीक है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हिंदी ने देशवासियों को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है।उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन के दौर में भी हिंदी देशवासियों के बीच संपर्क और जागरूकता की महत्वपूर्ण भाषा रही। आज हिंदी का विस्तार भारत की सीमाओं से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार हो रहा है। दुनिया के अलग-अलग देशों में बसे भारतीय अपनी भाषा और संस्कृति के साथ हिंदी को भी वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ा रहे हैं। बाजार और संचार के क्षेत्र में भी हिंदी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं विद्यालय की प्राचार्या पिंकी कुमारी ने कहा कि हिंदी जन-जन की भाषा है। जन्म से ही अपने परिवार और समाज में हिंदी के माध्यम से भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर मिलता है। हिंदी बोलने और सुनने से अपनापन और आत्मीयता का अनुभव होता है। यह भाषा हमारे मन और मस्तिष्क को सहज एवं सुखद अनुभूति प्रदान करती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान हिंदी के महत्व&comma; उसके गौरव और नई पीढ़ी के बीच हिंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। उपस्थित लोगों ने हिंदी को सम्मान देने और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार का संकल्प भी लिया।<&sol;p>&NewLine;

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