राम लखन सिंह यादव कॉलेज में हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ, भारतेंदु हरिश्चंद्र के योगदान पर हुई परिचर्चा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजीत। <&sol;strong>अनीसाबाद स्थित राम लखन सिंह यादव कॉलेज में हिंदी विभाग की ओर से मंगलवार को हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ किया गया&period; एक से 14 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के साथ हिंदी साहित्य के प्रमुख साहित्यकारों&comma; कवियों और उनकी रचनाओं पर प्रतिदिन परिचर्चा एवं विभिन्न साहित्यिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी&period; पखवाड़े का समापन 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर मुख्य समारोह के साथ होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कॉलेज के प्राचार्य प्रो&period; सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और दैनिक जीवन के साथ पठन-पाठन में भी हिंदी को पूरा सम्मान मिलना चाहिए&period; उन्होंने हिंदी के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ाने के लिए इस तरह के आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष सह उप-प्राचार्या प्रो&period; कुमारी संगीता ने किया&period; उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र के जीवन और साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए हिंदी साहित्य के विकास में उनके योगदान को रेखांकित किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विषय प्रवेश कराते हुए हिंदी के प्राध्यापक प्रो&period; रोहित कुमार ने भारतेंदु हरिश्चंद्र के साहित्यिक योगदान पर चर्चा की&period; उन्होंने कहा कि भारतेंदु हरिश्चंद्र ने कम उम्र में ही हिंदी को महत्वपूर्ण साहित्यिक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई&period; शिक्षक प्रतिनिधि प्रो&period; बीडी यादव ने भी हिंदी भाषा और साहित्य के महत्व पर अपने विचार रखे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एनएसएस समन्वयक प्रो&period; प्रसिद्ध कुमार ने कहा कि हिंदी हिंदुस्तान की बिंदी है&period; उन्होंने महाविद्यालय के प्राध्यापकों&comma; शिक्षकेतर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं से हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाली चर्चाओं और गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की अपील की&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर प्रो&period; कुमारी सुंदरम&comma; प्रो&period; गुड़िया कुमारी&comma; प्रो&period; कुमारी तेजस्विनी&comma; प्रो&period; कुमारी आरती&comma; पूनम कुमारी सहित महाविद्यालय के शिक्षक&comma; शिक्षकेतर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>प्रतिदिन होगी साहित्यिक परिचर्चा-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हिंदी पखवाड़े के तहत दो से 13 सितंबर तक प्रतिदिन हिंदी साहित्य के प्रमुख साहित्यकारों&comma; कवियों और उनकी महत्वपूर्ण कृतियों पर विशेष परिचर्चा आयोजित की जाएगी&period; इसके साथ विद्यार्थियों की भागीदारी वाली विभिन्न साहित्यिक गतिविधियां भी होंगी&period; आयोजकों का कहना है कि पखवाड़े का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी भाषा और साहित्य से जोड़ना तथा हिंदी के प्रति उनके अंदर रुचि और सम्मान की भावना को मजबूत करना है।<&sol;p>&NewLine;

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