स्वस्थ जीवनशैली व तनाव प्रबंधन हृदय संबंधी रोगों से बचाव का जरिया

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;mark><&sol;strong> भागदौड़ भरी इस जिंदगी में अमूमन लोग अपनी दिनचर्या व जीवनशैली को प्रबंधित नहीं कर पाते हैं। जो आगे चल कर लोगों में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं पैदा करता है। हृदय संबंधी रोग भी इन्हीं जटिलताओं का परिणाम है। हाई ब्लड़ प्रेशर&comma; डायबिटीज&comma; बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल&comma; अधिक वजन&comma; लिपिड प्रोफाइल में गड़बड़ी की शिकायतें आगे चल कर हृदय संबंधी बीमारी का कारण बनता है। हृदय रोगों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस के रूप में मनाया जाता है। दिल का उपयोग करें दिल को जानें की थीम पर आयोजित विश्व हृदय दिवस के मौके पर जिले में नि&colon;शुल्क जांच व चिकित्सा परामर्श पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> 29 सितंबर से 12 अक्टूबर तक आयोजित इस विशेष पखवाड़ा में हृदय रोगों से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जायेगा। स्वास्थय संस्थानों में हाई ब्लड प्रेशर&comma; डायबिटीज की जांच के लिये विशेष शिविर आयोजित कर जरूरी चिकित्सकीय परामर्श के साथ लोगों को जरूरी दवाएं नि&colon;शुल्क वितरित किया जायेगा।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अनियमित दिनचर्या व तनाव बन रहा रोग का कारण<br>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि हृदय रोग के कारनण व इससे बचाव संबंधी उपायों के प्रति लोगों को जागरूक करना विश्व हृदय दिवस का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि अनियमित जीवनशैली व तनाव हृदय संबंधी रोग का कारण बन रहा है। उन्होंने कहा कि बीते दो दशक के अंतराल में हृदय रोग संबंधी मामलों में दोगुनी वृद्धि हुई है। एक अनुमान के मुताबिक 30 से 40 साल उम्र के करीब 13 से 104 फीसदी युवा हृदय रोग की चपेट में हैं। लिहाजा रोग के संभावित खतरों के प्रति जागरूक होना जरूरी है। नियमित दिनचर्या&comma; व्यायाम&comma; उचित खानपान संबंधी आदतों को जीवन में शामिल कर हृदय रोग के खतरों से काफी हद तक बचा जा सकता है। सीने में दर्द&comma; बेवजह पसीना आना&comma; सांस लेने में तकलीफ हृदय संबंधी रोग से जुड़े सामान्य लक्षण हैं। इस तरह की परेशानी होने पर तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में इलाज कराना जरूरी होता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बीपी व शूगर को नियंत्रण रखना जरूरी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार ने बताया कि हृदय संबंधी रोगों से बचाव के लिये वजन को नियंत्रित रखना&comma; रूटीन एक्सरसाइज&comma; ताजा फल व सब्जियों का उपयोग के साथ अच्छी व गहरी नींद जरूरी है। ब्लड प्रेशर व डायबिटीज को नियंत्रित रख कर हृदय रोग के खतरों को कम किया जा सकता है। हाई ब्लड़ प्रेशर के कारण भविष्य में हर्ट अटैक&comma; किडनी व आंख संबंधी विकार के साथ ब्रेन स्टोक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिये ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के प्रति हम सभी गंभीर होने की जरूरत है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हृदय रोग के खतरों के प्रति लोगों को किया जायेगा जागरूक<br>डीपीसी राकेश कुमार ने बताया कि विश्व हृदय दिवस पर स्वास्थ्य संस्थानों में नि&colon;शुल्क जांच व चिकित्सा परामर्श पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। इस क्रम में बीपी व डायबिटीज जांच के साथ जरूरी चिकित्सकीय परामर्श व नि&colon;शुल्क दवाएं लोगों को उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही हृदय रोग के खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये विभिन्न जगहों पर बैनेर पोस्टर लगाये जायेंगे। वेलनेस सेंटर के स्तर पर प्रभात फेरी&comma; साइकिल रैली व माइकिंग कराया जायेगा। साथ ही हैंडबिल के माध्यम से लोगों रोग के खतरों के प्रति सचेत करते हुए बचाव संबंधी उपायों के प्रति जागरूक किया जायेगा।<&sol;p>&NewLine;

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