विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में हेल्दी बेबी शो का हुआ आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> जिले में शिशु मृत्यु दर के मामलों में कमी लाने के लिए आयोजित विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में बुधवार को हेल्दी बेबी शो का आयोजन किया गया। सिमराहा एपीएचसी में फारबिसगंज पीएचसी प्रभारी राजीव बसाक की अगुआई में आयोजित कार्यक्रम में पूरी तरह स्वस्थ बच्चे की माताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मौके पर उपस्थित माताओं को डिब्बाबंद दूध से बच्चों को होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए उन्हें स्तनपान के महत्व से अवगत कराया गया। इस दौरान बीएचएम सईदुर्रजम्मा&comma; बीईई पंकज कुमार सहित संबंधित सभी स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बच्चों की सेहतमंद जिंदगी के लिये स्तनपान जरूरी &&num;8211&semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि जन्म के एक घंटे के अंदर नवजात को स्तनपान कराना बच्चों के स्वस्थ व सेहतमंद जिंदगी को मजबूत आधार प्रदान करता है। छह महीने तक केवल स्तनपान बच्चों के लिये सर्वांगीण विकास व पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होता है। ऐसा करने से नवजात मृत्यु दर के मामलों में 20 फीसदी तक कमी लायी जा सकती है। शिशुओं में डायरिया व निमोनिया से होने वाली मौत के मामलों में 11 से 15 फीसदी तक कम हो जाती है। नवजात जब बड़े होते तो उनमें कई तरह के संचारी रोग की संभावना बेहद कम होती है। माताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिये भी उन्होंने स्तनपान को जरूरी बताया।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्तनपान के महत्व के प्रति किया गया जागरूक &&num;8211&semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>जागरूक फारबिसगंज पीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी राजीव बसाक ने बताया कि समेकित बाल विकास सेवा निदेशालय व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें स्तनपान के महत्व से आम लोगों को अवगत कराया गया। इसके अलावा एएनएम&comma; आंगनबाड़ी सेविका सहित अन्य कर्मियों के माध्यम से माताओं को डिब्बाबंद दूध से नवजात को होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए स्तनपान के लिये प्रेरित व प्रोत्साहित किया गया। वीएचएसएनडी साइट पर भी बच्चों को उचित पोषाहार उपलब्ध कराने के महत्व सहित डिब्बाबंद दूध के उपयोग से परहेज करने के प्रति लोगों को जागरूक किये जाने की जानकारी उन्होंने दी।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्वस्थ बच्चे की मां को किया गया सम्मानित &&num;8211&semi;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>बीएचएम सईदुर्रजमा ने बताया कि हेल्दी बेबी शो के दौरान प्रथम तीन स्थानों पर चिह्नित बच्चों की माताओं को प्रशस्ति पत्र सहित अन्य उपहार देकर सम्मानित किया गया। इस क्रम में बच्चे को सभी तरह के टीका से आच्छादित किया गया। उन्होंने कहा कि नवजात के जन्म से छह माह तक अनिवार्य रूप से स्तनपान जरूरी है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित माताओं व गर्भवती महिलाओं को इसके लिये प्रेरित व प्रोत्साहित किया।<&sol;p>&NewLine;

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