कस्तूरबा विद्यालयों में शिविर लगाकर हो रही बालिकाओं की स्वास्थ्य जांच

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> जिलाधिकारी के निर्देश पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी इनायत खान ने पंद्रह दिनों के अंतराल पर जिले में संचालित सभी कस्तूरबा विद्यालयों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर नामांकित बच्चों के समुचित स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गौरतलब है कि जिले में कुल 10 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में समाज के कमजोर वर्ग जैसे अनुसूचित जाति-जनजाति&comma; अन्य पिछड़ा वर्ग&comma; अल्पसंख्यक व बीपीएल कार्ड धारी समुदाय की 10 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की बालिकाएं आवासीय व्यवस्था के तहत कक्षा 8 से 12 तक की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्राप्त करती हैं। जहां इन बच्चियों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नियमित स्वास्थ्य देखभाल की विशेष सुविधा बहाल की गयी है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>शिविर की सफलता को लेकर दिये गये हैं जरूरी निर्देश<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालयों में आरबीएसके के चलंत चिकित्सा दल के माध्यम से किशोरियों का समुचित स्वास्थ्य जांच करते हुए उन्हें जरूरी दवाएं नि&colon;शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। सिविल सर्जन ने कहा कि आयोजित शिविर में दवा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। बीमार होने की स्थिति में संबंधित पीएचसी में किशोरियों के समुचित इलाज का इंतजाम सुनिश्चित कराने को कहा गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>किशोरियों का बनाया जा रहा है स्वास्थ्य कार्ड<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ तारिक जमाल ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालयों में नियमित अंतराल पर किशोरियों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। सिकटी व फारबिसंगज स्थित कस्तूरबा विद्यालयों में आयोजित शिविर में 800 से अधिक बच्चियों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए जरूरी दवा उपलब्ध करायी गयी है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>लगभग 20 किशोरियों को स्वास्थ्य जांच के पश्चात इलाज के लिये नजदीकी पीएचसी भेजा गया है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आयोजित शिविर के माध्यम से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत बच्चियों का स्वास्थ्य कार्ड तैयार किया जा रहा है। विद्यालय के प्राचार्य&comma; वार्डन की मदद से कार्ड छात्राओं का हस्तगत कराया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;

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