महावीर कैंसर संस्थान का रजत जयंती के अवसर पर भव्य आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">फुलवारी शरीफ़&comma; अजीत।<&sol;mark><&sol;strong> मुंबई के बाद देश के दूसरे बड़े कैंसर अस्पताल महावीर कैंसर संस्थान के 25 वर्ष पूरे हो गये &period;मंगलवार को संस्थान का रजत जयंती समारोह मनाया गया&period; राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने महावीर कैंसर संस्थान के परिसर में आयोजित रजत जयंती समारोह का दीप प्रज्वलन कर उद्घाटन किया&period; इस अवसर पर राज्यपाल ने महावीर कैंसर संस्थान में बिहार के पहले अत्याधुनिक जेनेटिक और मोलेक्यूलर लैब का उद्घाटन भी किया&period;महावीर कैंसर संस्थान के रजत जयंती के अवसर पर राज्यपाल ने स्मारिका &&num;8216&semi;मुस्कान&&num;8217&semi; का लोकार्पण किया&period; इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित जापान यूनिवर्सिटी के डा० मैको साकामोटो को राज्यपाल ने प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>माननीय राज्यपाल ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा में महावीर कैंसर संस्थान का योगदान पूरी दुनिया में अनुकरणीय है&period;राज्यपाल ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा में महावीर कैंसर संस्थान का योगदान पूरी दुनिया में अनुकरणीय है। राज्यपाल ने कहा कि महावीर मन्दिर के चढ़ावे से समाज कल्याण का जो कार्य किया जा रहा है वह समाज सेवा का अनुपम उदाहरण है&period;उन्होंने कहा कि रुग्ण सेवा ही परम धर्म है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>महावीर मन्दिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने कहा कि महावीर मन्दिर द्वारा महावीर कैंसर संस्थान की स्थापना का निर्णय 1995 में लिया गया था तब के अविभाजित बिहार में उस समय कोई कैंसर अस्पताल नहीं था&period; 12 दिसंबर 1998 को परम पावन दलाई लामा ने महावीर कैंसर संस्थान का उद्घाटन किया था&period;650 बेड का यह विशिष्ट अस्पताल पूर्वी-उत्तर भारत का सबसे बड़ा कैंसर अस्पताल है&period; इस संस्थान में अब तक जिन महानुभावों का आगमन हुआ है उनमें तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम&comma; राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल&comma; तत्कालीन उप राष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत&comma; तत्कालीन राज्यपाल और बाद में राष्ट्रपति हुए रामनाथ कोविन्द आदि प्रमुख हैं&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि 30 दिसंबर 2005 को तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने पेडिएट्रिक कैंसर वार्ड के उद्घाटन समारोह में जब उनसे कहा कि क्या अस्पताल के जिन कैंसर पीड़ित बच्चों से वे मिले हैं&comma; उनके निःशुल्क इलाज की घोषणा वे कर सकते हैं&period; इस पर आचार्य किशोर कुणाल ने 18 साल तक के सभी कैंसर पीड़ितों के निःशुल्क इलाज की घोषणा की थी&period; जो अनवरत जारी है&period; अब संस्थान द्वारा शीघ्र ही फुलवारी शरीफ में बच्चों के पृथक कैंसर संस्थान का निर्माण शुरू होगा&comma; जिसका उद्घाटन रजत जयंती वर्ष के समापन पर होगा&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> यह बच्चों का पहला कैंसर अस्पताल होगा&period; आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि मरणासन्न कैंसर मरीजों की सेवा-सुश्श्रुसा के लिए हास्पीस का संचालन 29 जुलाई 2022 से पटना के भूतनाथ रोड में किया जा रहा है&period; महावीर कैंसर संस्थान में मात्र सौ रुपये शुल्क पर कैंसर मरीजों को एक यूनिट ब्लड और रक्त अवयव दिया जाता है&period;महावीर कैंसर संस्थान समेत महावीर मन्दिर के सभी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को निःशुल्क भोजन तीनों पहर दिया जा रहा है&period;इस अस्पताल में सरकारी अनुदान और सेवाभावी संस्थाओं द्वारा उपलब्ध सहायता के अतिरिक्त महावीर मन्दिर के कोष से भी गरीब कैंसर मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कार्किनोस हेल्थकेयर के सहयोग से अत्याधुनिक जेनेटिक और मोलेक्यूलर लैब की स्थापना<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में महावीर कैंसर संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डा० एल बी सिंह ने कार्किनोस हेल्थकेयर के सहयोग से महावीर कैंसर संस्थान में नवस्थापित अत्याधुनिक जेनेटिक और मोलेक्यूलर लैब के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि यह बिहार और पूर्वी-उत्तर भारत का पहला ऐसा लैब है&period; इससे अत्याधुनिक मोलेक्यूलर डायग्नोस्टिक की पहुंच बिहार और पूर्वी- उत्तर राज्यों के लोगों की होगी&period; इस सेवा से नेक्स्ट जेनरेशन सिक्केंसिंग जैसी अत्याधुनिक पद्धतियों का लाभ कैंसर रोगियों के उपचार में होगा&period; महावीर कार्किनोस एडवांस्ड सेंटर फार कैंसर डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च केन्द्र के रूप में इसे महावीर कैंसर संस्थान के तृतीय तल पर स्थापित किया गया&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code>महावीर कैंसर संस्थान की चिकित्सा निदेशक डॉ मनीषा सिंह ने आगत अतिथियों का स्वागत किया&period; उन्होंने बताया कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा पिछले साल से उपलब्ध है&period; चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी महावीर कैंसर संस्थान महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है&period;यहाँ रेडिएशन ऑन्कोला जी&comma; सर्जिकल ऑन्कोला जी और गाइनी ऑन्कोला जी में डीएनबी के अतिरिक्त हेड एड नेक में फेलोशिप की पढ़ाई हो रही है&period; अस्पताल के निदेशक प्रशासन डा० बी सन्याल ने धन्यवाद ज्ञापन किया&period; <&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code>इस अवसर पर जस्टिस पी के सिन्हा&comma; पूर्व सैन्य अधिकारी जेनरल ए के चौधरी&comma; कार्किनोस हेल्थकेयर के डा वेंकटरमण&comma; पूर्व विधि सचिव वासुदेव राम&comma; बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के पूर्व अध्यक्ष प्रो अशोक घोष&comma; महावीर आरोग्य संस्थान के सचिव डॉ एस एस झा&comma; महावीर वात्सल्य अस्पताल के निदेशक डा एन पी सिंह&comma; अपर निदेशक और पूर्व आईएएस अधिकारी रामबहादुर यादव&comma; महावीर नेत्रालय के निदेशक डा यूसी माथुर&comma; महावीर कैंसर संस्थान की वरीय चिकित्सक डा विनीता त्रिवेदी&comma; डा ऋचा चौहान&comma; डा सुबोध कुमार आदि उपस्थित थे&period;<&sol;code><&sol;p>&NewLine;

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