बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में भव्य श्वान प्रदर्शनी, ‘काली’ बनी ओवरआल चैंपियन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित। <&sol;strong>बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित भव्य श्वान प्रदर्शनी में विभिन्न नस्लों के लगभग 80 प्रतिभागियों ने अपने पालतू श्वानों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया&period; प्रतियोगिता में अलाबाई नस्ल की डॉग &OpenCurlyQuote;काली’ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरआल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया&period; काली के ओनर अभिषेक कुमार सिंह रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन डेयरी&comma; मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सुरेन्द्र मेहता ने किया&period; उन्होंने कहा कि कुत्ते अपनी वफादारी&comma; सतर्कता और संवेदनशीलता के लिए जाने जाते हैं तथा समाज में सुरक्षा और भावनात्मक सहयोग दोनों प्रदान करते हैं&period; उन्होंने विश्वविद्यालय की पशु चिकित्सा व्यवस्था की सराहना की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;02&sol;img-20260223-wa00282093177781211913464&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-81101" &sol;><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कुलपति ने कहा कि श्वान प्रेमियों की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि समाज में पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ रही है&period; विशिष्ट अतिथि बिरसा कृषि विश्वविद्यालय&comma; रांची के पूर्व निदेशक डॉ&period; ए&period; ए&period; खान ने कहा कि कुत्ते अपराध नियंत्रण के साथ-साथ गंभीर बीमारियों की पहचान में भी उपयोगी साबित हो रहे हैं। रेलवे सुरक्षा बल के श्वान दल द्वारा अतिथियों को सम्मान गारद दिया गया&comma; जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा&period; आयोजन सचिव डॉ&period; ज्ञानदेव सिंह ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फाइनल रिजल्ट&colon; रोमांच से भरा मुकाबला&comma; हर रिंग में दिखा जोश&colon;-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>श्वान प्रदर्शनी में अलग-अलग नस्लों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला&period; हर रिंग में प्रतिभागियों ने अपने श्वानों की ट्रेनिंग&comma; ग्रूमिंग और प्रस्तुति से निर्णायकों को प्रभावित किया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ओवरआल चैंपियन<br &sol;>अलाबाई – अभिषेक कुमार सिंह – काली&period;<br &sol;>प्रमुख नस्लों के विजेता<br &sol;>शिह त्ज़ू&period;<br &sol;>प्रथम – विक्रम सिंह – मर्फी&period;<br &sol;>द्वितीय – विशाल सिंह – मायलो&period;<br &sol;>तृतीय – अभिषेक कुमार – रैली&period;<br &sol;>इंग्लिश बुलडॉग&period;<br &sol;>प्रथम – डॉ&period; सुधांशु – लूना&period;<br &sol;>द्वितीय – डॉ&period; सुधांशु – नवाब&period;<br &sol;>चाउ-चाउ&period;<br &sol;>प्रथम – प्रथम सौरांश – एंजो&period;<br &sol;>द्वितीय – डॉ&period; सुधांशु – ब्यूटी&period;<br &sol;>चिहुआहुआ&period;<br &sol;>प्रथम – विमला सिंह – जोजो&period;<br &sol;>अलास्कन मालाम्यूट&period;<br &sol;>प्रथम – इन्द्रनील – निथ&period;<br &sol;>बेल्जियन मेलिनोइस&period;<br &sol;>प्रथम – अंकित राज – सीसर&period;<br &sol;>द्वितीय – श्रेयांश सिंह – मैक्स&period;<br &sol;>तृतीय – रिशु गुप्ता – शेरा&period;<br &sol;>माल्टीज़&period;<br &sol;>प्रथम – संजना अग्रवाल – वैफी&period;<br &sol;>द्वितीय – संगीता अग्रवाल – पीनट&period;<br &sol;>तृतीय – सतीश अग्रवाल – फीबी&period;<br &sol;>हस्की&period;<br &sol;>प्रथम – आर के झा – हंटर&period;<br &sol;>द्वितीय – मानस सिन्हा – जैक&period;<br &sol;>तृतीय – डॉ&period; सुधांशु – टाइसन&period;<br &sol;>लैब्राडोर&period;<br &sol;>प्रथम – जीतेन्द्र मोहन सिंह – ओरियो&period;<br &sol;>द्वितीय – शैलेश शंकर – ब्रान&period;<br &sol;>तृतीय – अमरेश – थोर&period;<br &sol;>गोल्डन रिट्रीवर&period;<br &sol;>प्रथम – रश्मि रेखा – तोसो&period;<br &sol;>द्वितीय – आजाद – एल्विस&period;<br &sol;>तृतीय – डॉ&period; सुधांशु – डमरू&period;<br &sol;>रॉटवीलर&period;<br &sol;>प्रथम – कुमार कौशिक – गब्बर&period;<br &sol;>द्वितीय – कुमार कौशिक – डेविड&period;<br &sol;>ग्रेट डेन&period;<br &sol;>प्रथम – शंभू कुमार – फ्रूटी&period;<br &sol;>डोगो अर्जेंटीनो&period;<br &sol;>प्रथम – रामा शंकर प्रसाद – जोजो&period;<br &sol;>केन कोर्सो&period;<br &sol;>प्रथम – रामा शंकर प्रसाद – जिमी&period;<br &sol;>इंडियन ब्रीड&period;<br &sol;>प्रथम – शंभू कुमार – फ्रूटी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रतियोगिता में दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था&period; हर विजेता के नाम की घोषणा पर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा&period; श्वान प्रेमियों के लिए यह आयोजन यादगार बन गया।<&sol;p>&NewLine;

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