फाउंडेशन डे पर नालंदा मेडिकल कॉलेज में भव्य समारोह, डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन

&NewLine;<p><strong>पटना&comma; न्यूज़ क्राइम 24।<&sol;strong> नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय पटना के फाउंडेशन डे के अवसर पर बुधवार को भव्य नॉन-एकेडमिक अवॉर्ड समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ&comma; जिसमें बिहार सरकार की खेल एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा महाविद्यालय की अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी के उद्घाटन से हुई। इस लाइब्रेरी में हजारों राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल्स ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं&comma; जिससे छात्रों एवं शिक्षकों को पढ़ाई और शोध कार्य में काफी मदद मिलेगी। इसके बाद आयोजित नॉन-एकेडमिक अवॉर्ड समारोह में विभिन्न क्रीड़ा प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मेडल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र संगठन मंत्री क्रीड़ा भारती उमेश जी&comma; प्राचार्या डॉ&period; उषा कुमारी&comma; अधीक्षिका डॉ&period; रश्मि प्रसाद&comma; सेक्रेटरी डॉ&period; आर&period;आर&period; दास&comma; स्पोर्ट्स कमिटी के चेयरमैन डॉ&period; प्रो&period; संतोष कुमार एवं प्रशासनिक पदाधिकारी डॉ&period; मुकुल कुमार सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।<br><br>समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं दीप मंत्र के साथ किया गया। अतिथियों को मेमेंटो एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया&comma; जबकि मुख्य अतिथि का पारंपरिक तरीके से तलवार एवं पगड़ी देकर स्वागत किया गया। स्वागत भाषण डॉ&period; संतोष कुमार ने दिया। इसके बाद प्राचार्या एवं अधीक्षिका ने अपने विचार साझा किए। उमेश जी ने भी छात्रों को प्रेरित करते हुए अपने विचार रखे। अपने संबोधन में मंत्री श्रेयसी सिंह ने अपने खेल जीवन के अनुभव साझा किए और बताया कि उच्च नैतिक मूल्यों और संस्कारों के बल पर ही सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शरीर बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी हैं। राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं&comma; जिनमें शतरंज जैसे कम लागत वाले खेलों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बिहार को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए राजगीर में अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही छात्रों को ईमानदारी और अनुशासन के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन डॉ&period; मुकुल कुमार सिंह द्वारा किया गया और राष्ट्रगान के साथ समारोह संपन्न हुआ। यह आयोजन महाविद्यालय के छात्रों&comma; शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक एवं यादगार साबित हुआ।<&sol;p>&NewLine;

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