कोरोना में गर्भवती महिलाओं की जान बचाने के लिए सरकार जरूरी संसाधन मुहैया कराए : रघुपति

&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&lpar;अजित यादव&rpar;&colon;<&sol;strong> सामाजिक संस्था आईपास के जरिये गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित डिलीवरी के लिए जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाने में जुटे सामाजिक कार्यकर्ता रघुपति बाबू ने  विहार सरकार से कोरोना काल मे गर्भवती महिलाओं को कोरोना से बचाकर सुरक्षित गर्भपात कराने के लिए जरूरी संसाधनों को हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य अस्पतालों में मुहैया कराने की मांग की है ।     उन्होंने बताया कि अनचाहा गर्भ और गर्भपात महिला के प्रजनन आयु के दौरान होने वाली सामान्य प्रक्रियाएं हैं  पर अक्सर हम लोग इस विषय पर बात करने से हिचकिचाते हैं । जिसके फलस्वरूप सही जानकारी महिलाओं तक नहीं पहुंच पाती । महिलाओं के पास अनचाहा गर्भ ठहरने पर क्या विकल्प उपलब्ध हैं और हमारा कानून इसके बारे में क्या कहता है &comma; यह जानकारी सबके पास ना होने के कारण कई महिलायें गर्भपात के लिए असुरक्षित विकल्पों का चयन करती हैं । भारत में प्रतिदिन 13 महिलाओं की असुरक्षित गर्भपात से संबंधित कारणों से मृत्यु हो जाती है और सैकड़ों महिलाएं गंभीर जटिलताओं का सामना करती हैं । यानि देश में होने वाली मातृ मृत्यु में से लगभग 8 &percnt; मृत्यु असुरक्षित गर्भपात के कारण होती हैं । कोरोना एक गंभीर बिमारी है गर्भपात कराने की स्थिति में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है &comma; होस्पीटल एवं ऑक्सीजन की सुविधा अतिआवश्यक है । सरकार से आग्रह है कि महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात के लिए ऑक्सीजन मुहैया कराया जाये ताकि महिलाओं की मृत्यु न जो पाये और उन्हें सुरक्षित गर्भपात हो पाये । यदि किसी महिला को माहवारी के दिन चढ गये हों या उसे अनचाहे गर्भ के ठहरने की आशंका हो तो उसे बिना किसी देरी के नजदीकी आशा या एएनएम से संपर्क करना चाहिए या डॉक्टर को दिखाना चाहिए । अगर गर्भधारण की पुष्टि हो जाती है और महिला गर्भ नहीं रखना चाहती है तो उसे गर्भपात का निर्णय जल्दी ले लेना चाहिए।<&sol;p>&NewLine;

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