ऑफिस समय में नदारद रहते हैं सरकारी नुमाइंदे, ग्रामीण हो रहे परेशान

&NewLine;<p><br><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर<&sol;strong> सरकार द्वारा भले हीं पारदर्शी एवं जवाबदेही प्रशासन की बात की जाती हो लेकिन भरगामा प्रखंड क्षेत्र में कार्यरत अधिकांश सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की लेट लतीफी और डेली पैतृक आवास अपडाउन की प्रवृति के कारण सभी सरकारी दफ्तरों की दशा खराब है। सरकार द्वारा भले हीं सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक का कार्यालय समय निर्धारित किया हुआ है लेकिन कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान सामने आया है कि कई अधिकारी और कर्मचारी सीट से नदारद मिलते हैं&comma;जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मालूम हो कि भरगामा प्रखंड क्षेत्र के कुल 20 पंचायतों में से कुशमौल&comma;सिरसियाकला&comma;हरीपुरकला&comma;विरनगर पश्चिम&comma; सिरसिया हनुमानगंज&comma;विषहरिया&comma;विरनगर पूरब&comma; पैकपार&comma; सिमरबनी&comma;जयनगर&comma;खजुरी&comma;आदिरामपुर&comma;रघुनाथपुर दक्षिण&comma;रघुनाथपुर उत्तर&comma;धनेश्वरी पंचायतों में पंचायत भवन व शंकरपुर&comma;मनुल्लाहपट्टी&comma;खुटहा बैजनाथपुर पंचायतों में पंचायत सरकार भवन बनाया गया है। जिसमें विभिन्न तरह की सुविधा बहाल कर विधिवत कर्मियों की भी तैनाती की गई है। इसके बावजूद यहां नियमित तौर से ससमय कर्मी नहीं बैठते हैं&period; कभी कभार हीं उनके दर्शन होते हैं। इससे स्थानीय ग्रामीणों का काम नहीं हो रहा है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>छोटे से छोटे कामों के लिए भी लोगों को प्रखंड मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। जानकारी अनुसार उक्त पंचायत कार्यालय में जाति&comma;आय&comma;निवास&comma;दाखिल खारिज&comma; विधवा&comma; दिव्यांग पेंशन समेत अन्य कामकाज का निपटारा किया जाना था। ताकि&comma;इसके लिए लोगों को इधर-उधर भाग-दौड़ न करना पड़े। लेकिन आज भी इस तरह के कामों के लिए लोगों को प्रखंड मुख्यालय कार्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है। ग्रामीण मंटू दास&comma;राजू कुमार&comma;गौरव झा&comma;युवराज यादव&comma;बहादुर राम&comma;संजय सरदार&comma;राजू सिंह व अन्य ने कहा कि सरकार भवन व पंचायत भवन में पंचायत प्रतिनिधि मुखिया&comma;सरपंच से लेकर राजस्व कर्मचारी&comma;तकनीकी सहायक&comma;लेखापाल&comma;विकास मित्र&comma;कचहरी सचिव&comma;किसान सलाहकार&comma;पंचायत रोजगार सेवक&comma;आवास सहायक स्वच्छता पर्यवेक्षक&comma;पंचायत सचिव&comma;कार्यपालक सहायक समेत अन्य कर्मियों के बैठने की व्यवस्था है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>लेकिन&comma;जनप्रतिनिधियों व कर्मियों की मनमानी से यह लक्ष्य से कोसों दूर है। क्योंकि&comma;यहां नियमित तौर से समयानुसार कोई कर्मी नहीं बैठते हैं&comma;सप्ताह में एक-दो दिन हीं कुछ समय के लिए नजर आ जाए तो गनीमत है। बता दें कि गुरुवार को कार्य अवधि के दौरान सिमरबनी&comma;शंकरपुर&comma; पैकपार&comma;खुटहा बैजनाथपुर&comma;हरीपुरकला&comma; सिरसियाकला&comma;वीरनगर पूरब&comma;वीरनगर पश्चिम&comma;विषहरिया पंचायत कार्यालय का जायजा लिया गया तो पंचायत कार्यालय में ताला जड़ा मिला। बता दें कि यहां तैनात कई कर्मी जब कार्यालय में नहीं होते हैं और उनसे मोबाइल पर बात की जाती है तो वे फील्ड में होने की बात कहते हैं। जबकि नियमानुसार फील्ड में जाने से पहले उनको कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कर मूवमेंट बुक में फील्ड में जाने संबंधी जानकारी का अंकन करना होता है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सूत्र बताते हैं कि कई कार्मिक डैली पैतृक निवास अपडाउन की प्रवृति के कारण विभिन्न कारणों से कार्यालय निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पाते अथवा जल्दी हीं कार्यालय छोड देते हैं&comma;जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी होता है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय उच्चाधिकारी समय-समय पर उपरोक्त कार्यालय का निरीक्षण नहीं करते हैं और यदि करते भी हैं तो दोषी कार्मिकों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती है&comma;जिससे इस प्रवृति पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इस बाबत पंचायती राज विभाग के निदेशक आनंद शर्मा से बात किया गया तो उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए उचित कार्रवाई की बात कही।<&sol;p>&NewLine;

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