जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिये संस्थागत प्रसव को दें प्राथमिकता

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> सुरक्षित प्रसव के लिये संस्थागत प्रसव को जरूरी माना जाता है। संस्थागत प्रसव यानि वैसे चिकित्सा संस्थान जहां प्रशिक्षित व सक्षम चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की देख-रेख नवजात का जन्म संभव हो। जहां प्रसव संबंधी तमाम तरह की जटिलताओं से निपटने के बेहतर इंतजाम उपलब्ध हों। ताकि मां व बच्चे के जीवन को हर हाल में संरक्षित रखा जा सके। इससे मातृ-मृत्यु दर के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। इसे लेकर सरकार व स्वास्थ्य विभाग के स्तर से लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। लोगों तक संस्थागत प्रसव संबंधी सेवाओं की सहज पहुंच सुनिश्चित कराने व इसके प्रति लोगों को प्रेरित व प्रोत्साहित करने के लिये कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसे लेकर सरकारी चिकित्सा संस्थानों को सुदृढ व सुविधा संपन्न बनाया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जोखिमों से भरा है घर पर प्रसव कराना &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि घर पर प्रसव जच्चा व बच्चा दोनों के लिये खतरनाक है। इससे दोनों को जान का खतरा है। घर पर प्रसव को आसान व कम खर्च वाला मानना लोगों की बड़ी भूल है। घर पर आपातकालीन सुविधाएं ही नहीं प्रसव से जुड़ी मूलभूत सुविधाएं का भी अभाव होता है।ऐसे में ये कई जोखिमों से भरा होता है। इससे हर हाल में बचने की सलाह उन्होंने दी। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर संस्थागत प्रसव को सुलभ व सुविधानक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिये।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के लिये संचालित है कई योजनाएं &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन ने बताया कि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रसव मामलों के निष्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसे लेकर जननी सुरक्षा योजना का संचालन बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं की जांच व डिलीवरी की सुविधा नि&colon;शुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना के माध्मय से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक मदद उपलब्ध कराकर जच्चा व बच्चा के स्वास्थ्य को संरक्षित व बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का है प्रावधान &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>योजना के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर महिलाओं को प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराया जाता है। शहरी क्षेत्र में ये राशि 1000 रुपये व ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रुपये देने का प्रावधान है। इतना ही नहीं संस्थागत प्रसव के लिये गर्भवती महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिये आशा कार्यकर्ताओं को भी प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना के तहत मुफ्त एंबुलेंस सेवा&comma; मुफ्त खाना&comma; मुफ्त सी सेक्शन ऑपरेशन&comma; मुफ्त में खून चढ़ाना सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है। प्रसव संबंधी सेवा के लिये सरकारी अस्पताल में आने के बाद महिला स्वयं ही जननी बाल सुरक्षा योजना की पात्र होती है।<&sol;p>&NewLine;

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