घनश्याम दास बिड़ला, डी.पी. खेतान और रतन टाटा को भारत रत्न देने की मांग तेज

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के साथ हुई बातचीत के आधार पर&comma; भारतीय लोकहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रख्यात पर्यावरणविद् गुरुदेव श्री प्रेम ने घनश्याम दास बिड़ला&comma; डी&period;पी&period; खेतान और रतन नवल टाटा को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग दोहराई है&period; गुरुदेव श्री प्रेम ने कहा कि वे पहले भी उन महापुरुषों को भारत रत्न दिए जाने की मांग प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र के द्वारा भेज चुके हैं लेकिन हमारे द्वारा बार-बार पत्र भेजने के बावजूद भारत रत्न की श्रेणी में इनका नाम अब तक शामिल नहीं किया गया जो पूरे देश के लिए निराशाजनक है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गौरतलब है कि घनश्याम दास बिड़ला देश की स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी के निकट सहयोगी रहे और आजादी के बाद भी भारत के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया&period; डी&period;पी&period; खेतान ने भी व्यापार और उद्योग जगत में अपनी अमिट छाप छोड़ी&comma; जबकि रतन टाटा ने भारत को वैश्विक स्तर पर औद्योगिक पहचान दिलाई&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>भारतीय लोकहित पार्टी की ओर से इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय को कई बार पत्र भेजे गए हैं&comma; लेकिन अब तक इन महापुरुषों को भारत रत्न देने का निर्णय नहीं लिया गया है&period; श्री प्रेम ने कहा कि यह देश के लिए गौरव की बात होगी यदि इन महान विभूतियों को उनके योगदान के लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया जाए&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगी और देश के इन महान सपूतों को उनका उचित सम्मान दिलाएगी&period;<&sol;p>&NewLine;

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