गणगौर पूजा का समापन, महिलाओं ने की सुख-शांति की कामना

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटनासिटी&lpar;रॉबीन राज&comma; न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> रानी सती दादी मंदिर और श्री श्याम मंदिर के अलावा पटना के विभिन्न घरों में मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने राजस्थानी पर्व गणगौर महोत्सव धूमधाम के साथ मनाया। नवविवाहित महिलाओं ने राजस्थानी चुनरी पहनकर और हाथों में मेहंदी लगाकर गणगौर माता की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और उनसे सुख शांति की कामना की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बतादें की गणगौर पर्व मारवाड़ी समाज का प्रमुख त्योहारों लोक पर्व में से एक है&period; गणगौर पूजा हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को होती है&period; इस दिन कुंवारी कन्या और सुहागन महिलाएं व्रत रखती हैं तथा माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करती है। होली के दूसरे दिन से प्रारंभ होकर 16 दिनों तक गणगौर पर्व चलता है&period; जिसका शुक्रवार को गणगौर विसर्जन के साथ संपन्न हुआ।<&sol;p>&NewLine;

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