मिर्जापुर में घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी, दर्जनों गांव प्रभावित

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत।<&sol;strong> पटना सदर प्रखंड अंतर्गत महुली पंचायत के मिर्जापुर गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं&period; दीदारगंज थाना क्षेत्र और फतुहा विधानसभा क्षेत्र के मिर्जापुर के अलावा माधोपुर&comma; हिरणपुर&comma; शुकुलपुर&comma; रायबाग&comma; खासपुर और सोनवा सहित दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं&period; चारों तरफ पानी फैल जाने से ग्रामीणों के सामने आवागमन&comma; भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर संकट गहराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से फिलहाल आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की गई है&comma; लेकिन बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच अब तक किसी प्रकार की राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है&period; पानी से घिरे ग्रामीणों को जरूरी सामान जुटाने के लिए भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मिर्जापुर कल्याण समिति संस्था के अध्यक्ष रंजीत भट्ट व्यास ने सरकार और प्रशासन से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की तत्काल मदद करने की गुहार लगाई है&period; उन्होंने कहा कि कई गांवों के लोग पानी से घिरे हुए हैं और प्रभावित परिवारों तक भोजन सहित अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाना जरूरी है। इस दौरान भुजंग भट्ट&comma; कुणाल राज&comma; शत्रुघ्न कुमार राय वार्ड सदस्य&comma; सुमंत राज और राजेश भट्ट सहित दर्जनों ग्रामीणों ने भी सरकार से तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद अब तक स्थानीय विधायक डॉ&period; रामानंद यादव भी प्रभावित गांवों का जायजा लेने नहीं पहुंचे हैं&period; ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन का कोई अधिकारी या सरकार का प्रतिनिधि भी अब तक उनकी सुध लेने गांव नहीं पहुंचा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ग्रामीणों ने बताया कि कई गांव चारों तरफ से पानी से घिर चुके हैं&period; ऐसे में बच्चों&comma; बुजुर्गों और महिलाओं को लेकर परिवारों की चिंता बढ़ गई है&period; लोगों का कहना है कि केवल नाव उपलब्ध करा देने से समस्या का समाधान नहीं होगा&period; प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल भोजन&comma; पीने का पानी&comma; दवा और अन्य जरूरी राहत सामग्री की व्यवस्था की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित गांवों में अधिकारियों की टीम भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाए और प्रभावित परिवारों के बीच तत्काल राहत सामग्री का वितरण कराया जाए&comma; ताकि बाढ़ की इस मुश्किल घड़ी में लोगों को राहत मिल सके।<&sol;p>&NewLine;

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