हज यात्रा से लौटे बिहार के पहले दो जत्थे, गया एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गया&sol;पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; बिहार राज्य के हज यात्रियों का पहला और दूसरा जत्था 15 और 16 जून को गया एयरपोर्ट पर सकुशल पहुंचा&period; ये दोनों फ्लाइटें सऊदी अरब से हज यात्रा पूरी करने के बाद भारत लौटीं&comma; जिनमें कुल 271 हज यात्री शामिल थे&period; ये यात्री मुख्यतः गया&comma; जहानाबाद&comma; नालंदा&comma; नवादा&comma; कैमूर&comma; रोहतास&comma; भोजपुर&comma; बक्सर और पटना जिलों से संबंध रखते हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हज यात्रियों के स्वागत के लिए जिला अधिकारी &lpar;डीएम&rpar;&comma; पुलिस अधीक्षक &lpar;एसपी&rpar;&comma; बिहार राज्य हज समिति के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी समेत कई प्रशासनिक अधिकारी&comma; कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्वागत के दौरान यात्रियों को गुलाब के फूल भेंट किए गए और उन्हें सादर सम्मानित किया गया&period; हज से लौटे बुज़ुर्गों और महिलाओं का विशेष ध्यान रखा गया&period; हज यात्रियों के सामान को भी व्यवस्थित ढंग से लौटाया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गया एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों ने सभी यात्रियों की कुशल वापसी पर संतोष जताया और शांति व सहयोग के लिए हज समिति तथा स्वंयसेवकों को धन्यवाद दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सऊदी अरब में इस वर्ष हज यात्रा पर गए भारतीय हाजियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है&period; खासकर भारत से गए आम यात्रियों के लिए टेंट&comma; ठहराव&comma; भोजन और बाजार संबंधी व्यवस्थाओं में भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है&period;वहीं पाकिस्तान&comma; इंडोनेशिया&comma; तुर्की&comma; बांग्लादेश जैसे देशों के हज यात्रियों को अपेक्षाकृत बेहतर सुविधा&comma; विस्तृत खेमे और तकनीकी सहायता मुहैया कराई गई है&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इन देशों के लिए सऊदी सरकार ने अलग से विशेष प्रबंधन किया है जिससे वहां के हाजी शांति और सुविधा के साथ हज यात्रा कर रहे हैं&period;बिहार से इस बार करीब 2&comma;403 हज यात्री सऊदी अरब गए हैं&comma; जिसमें बिहार के हज यात्री दिल्ली कोलकाता गया बंगलुरु से उड़ान भरी हैं&period; कई भारतीय हाजियों का कहना है कि सरकार की ओर से वादा की गई कई सुविधाएं जमीनी स्तर पर नहीं मिलीं&period; खाने&comma; पीने के पानी&comma; साफ-सफाई और चिकित्सा के क्षेत्र में काफी किल्लत का सामना करना पड़ा&period;इस वर्ष बिहार के हाजियों ने बेंगलुरु&comma; दिल्ली&comma; कोलकाता और गया एयरपोर्ट से यात्रा की थी।<&sol;p>&NewLine;

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