पारदर्शी लॉटरी से किसानों को मिलेगा आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ : रामकृपाल यादव

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> कृषि मंत्री बिहार राम कृपाल यादव की अध्यक्षता में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर अनुदान हेतु केंद्रीकृत ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई&period; कृषि भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधान सचिव कृषि विभाग श्री नर्मदेश्वर लाल सहित विभागीय वरीय अधिकारी उपस्थित रहे&period; लॉटरी प्रक्रिया OFMAS पोर्टल के माध्यम से आयोजित की गई&comma; जिसके तहत चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र निर्गत किया गया। कृषि मंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार छोटे एवं सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है&period; योजना के तहत 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुल 153&period;64 करोड़ रुपये के वित्तीय लक्ष्य में से शेष 79&period;86 करोड़ रुपये हेतु केंद्रीकृत लॉटरी कर स्वीकृति पत्र जारी किए गए हैं। OFMAS पोर्टल पर लगभग 1&period;45 लाख किसानों ने आवेदन किया है&period; अब तक 71&period;82 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 66&comma;833 परमिट निर्गत किए जा चुके हैं&comma; जिनमें से 29&comma;766 किसान कृषि यंत्र क्रय की प्रक्रिया में हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना हेतु 10 लाख रुपये की लागत पर 40 प्रतिशत अधिकतम 4 लाख रुपये अनुदान का प्रावधान है&period; इस मद में 267 केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य है&comma; जिसके लिए 506 स्वीकृति पत्र जारी किए गए हैं। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए 15 जिलों में स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर हेतु 20 लाख रुपये की लागत पर 80 प्रतिशत अधिकतम 12 लाख रुपये अनुदान दिया जा रहा है&period; इसके तहत 144 स्वीकृति पत्र निर्गत किए गए हैं। फार्म मशीनरी बैंक स्थापना के लिए कृषक समूहों को 10 लाख रुपये की लागत पर 80 प्रतिशत अधिकतम 8 लाख रुपये अनुदान दिया जा रहा है&period; 42 समूहों को स्वीकृति पत्र जारी किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि केंद्रीकृत ऑनलाइन लॉटरी से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है तथा चयनित आवेदकों के अतिरिक्त दोगुनी संख्या में प्रतीक्षा सूची जारी कर अधिकाधिक किसानों को अवसर देने की व्यवस्था की गई है&period; उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्रीकरण से खेती की लागत में कमी&comma; समय की बचत और उत्पादकता में वृद्धि होगी&comma; जिससे किसानों की आय में सतत बढ़ोतरी संभव होगी।<&sol;p>&NewLine;

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