रोहतास के संतानहीन बुजुर्ग दंपति को संपत्ति से बेदखल कर घर से निकाला, फुलवारी के आश्रम ने दिया सहारा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत।<&sol;strong> रोहतास जिले के एक संतानहीन बुजुर्ग दंपति को पैतृक संपत्ति विवाद में उनके ही भाइयों द्वारा घर से बेदखल कर दिए जाने का मामला सामने आया है&period; दर-दर भटक रहे इस दंपति को अंततः फुलवारी शरीफ स्थित एक आश्रम ने सहारा दिया है&comma; जहां अब दोनों का जीवन सुरक्षित वातावरण में बीतेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जानकारी के अनुसार बुजुर्ग ललन सिंह &lpar;75 वर्ष&rpar; और उनकी पत्नी यशोदा देवी &lpar;72 वर्ष&rpar; रोहतास जिले के ग्राम फरीदपुर&comma; पोस्ट रूपहथा&comma; थाना धर्मपुरा के स्थायी निवासी हैं&period; संतान नहीं होने के कारण उनके भाइयों ने जबरन पैतृक संपत्ति पर कब्जा कर उन्हें घर से निकाल दिया। घर से निकाले जाने के बाद मजबूरी में दोनों भभुआ के मोहनिया स्थित रैन बसेरा में रहने लगे&comma; जहां उन्हें खाने-पीने और रहने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था&period; इसी बीच आश्रम परिवार को इस दंपति की जानकारी मिली। इसके बाद पहल करते हुए आश्रम परिवार ने 2 मई 2026 की संध्या करीब 7 बजे दोनों बुजुर्गों को फुलवारी शरीफ स्थित स्वर्गीय नेता शर्मा स्मृति अनाथालय लाकर आश्रय दिया&period; आश्रम प्रबंधन ने बताया कि अब दोनों की देखभाल माता-पिता की तरह की जाएगी और उन्हें हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। स्थानीय लोगों ने इस मानवीय पहल की सराहना की है और जरूरतमंदों की मदद के लिए ऐसे प्रयासों को प्रेरणादायक बताया है।<&sol;p>&NewLine;

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