17 जून को मनाया जायेगा ईद-उल-अजहा बकरीद का पर्व

&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> इस्लामिक वर्ष के अंतिम माह का चांद शुक्रवार को देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में देखा गया&period; चाँद नजर आने के साथ ही वर्ष के अंतिम माह की शुरूआत शनिवार से हो गई&period; माह की दसवीं तारीख यानी 17 जून को ईद-उल-अजहा बकरीद का पर्व मानया जायेगा&period; इस बात की घोषणा खानकाह मुजिबीया के प्रशासक हजरत मौलाना शाह सैयद मिन्हाजउद्दीन कादरी ने करते हुए कहा कि 17 जून को इर्द-उल-अजहा की नमाज अदा की जायेगी और नमाज अदा करने के बाद लोग कुर्बानी करेंगे&period;<br><br>ईमारत शरिया का मुख्य कार्यालय और इसकी सभी शाखा मे चांद देखने की व्यवस्था की गई थी&period; फुलवारी शरीफ और उसके आसपास चांद नहीं देखा गया&comma; हालांकि&comma;बिहार के नवादा&comma;तमिलनाडु&comma; पंडीचेरी&comma; चेन्नई मंगरोल&comma; निज़ियाद&comma; अजरकपुर&comma; कच्छ भोज गुजरात सहित देश के कई हिस्सों से चाँद दिखने की ख़बरें मिली है&period; इसलिए&comma; दिनांक 18 जून 2024 को ज़िल-हिज्जा 1445 महीने की पहली तारीख घोषित किया गया&period;इसकी जानकारी हजरत मौलाना मुहम्मद अज़हर आलम क़ासमी साहब क़ाज़ी शरीयत सेंट्रल दारुल क़ज़ा ईमारत  शरिया बिहार&comma; ओडिशा और झारखंड फ़लवारी शरीफ़ पटना ने दी है।<&sol;p>&NewLine;

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