हाथीपांव मरीजों के लिए क्लीनिक स्थापित करने की कोशिश कारगर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">कटिहार&lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon; <&sol;mark><&sol;strong> ज़िले के फाइलेरिया मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा मोरबिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेब्लिटी प्रिवेंशन &lpar;एमएमडीपी&rpar; क्लीनिक स्थापित किया जाएगा। इसके पहले विभाग द्वारा जिले में फाइलेरिया मरीज़ों से संबंधित अति प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कराई जाएगी। जहां भी ज्यादा मरीज पाए जाएंगे वहां सबसे पहले प्राथमिकता के आधार पर एमएमडीपी क्लीनिक खोले जाएंगे। विभाग एक तरफ हाथीपांव मरीजों के लिए क्लीनिक स्थापित करने की कोशिश कर रहा है वहीं अगले छह महीने में विशेष रूप से कैंप का आयोजन कर मिशन मोड में कम से कम 70 प्रतिशत हाइड्रोसिल मरीजों का मुफ्त ऑपरेशन करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फाइलेरिया मरीज़ का सर्वे कार्य समाप्ति के बाद खोले जाएंगे एमएमडीपी क्लिनिक&colon; सिविल सर्जन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ डीएन पाण्डेय ने बताया कि एमएमडीपी क्लीनिक की स्थापना के लिए जिला स्तर पर मरीजों के सर्वे का कार्य प्रारंभ करने को लेकर स्थानीय ज़िला वैक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है। जब तक मरीज़ों का सर्वे कार्य समाप्त नहीं होगा तब तक निकट भविष्य में किसी भी प्रखंड में क्लिनिक नहीं खोला जायेगा। ज़िले के फाइलेरिया मरीज़ों के बीच स्वास्थ्य विभाग के अलावा केयर इंडिया&comma; डब्ल्यूएचओ&comma; पीसीआई&comma; सिफार सहित कई अन्य सहयोगी संस्थाओं द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को जागरूक किया जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>ओपीडी के साथ ही संचालित किया जाएगा फाइलेरिया क्लिनिक&colon; डीएमओ<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ज़िला वैक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ जय प्रकाश सिंह ने बताया कि फाइलेरिया मरीज़ों के लिए सदर अस्पताल परिसर स्थित ओपीडी में फाइलेरिया क्लिनिक की स्थापना जल्द ही की जाएगी। जिसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए समय-समय पर विभिन्न तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। अन्य सहयोगी संस्थाओं द्वारा भी सहयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि फिल्म अभिनेता मनोज वाजपेयी द्वारा जारी ऑडियो&sol;वीडियो के माध्यम से भी जिलेवासियों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से दवा खाने एवं फाइलेरिया जैसी बीमारी से संबंधित बचाव के लिए प्रेरित किया जाएगा। निकट भविष्य में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रात्रि के समय ब्लड सर्वे करने के लिए विभिन्न चरणों में कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना है। बहुत ही जल्द ज़िले के फाइलेरिया मरीज़ों के बीच एमएमडीपी किट का वितरण किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फाइलेरिया से बचाव को लेकर बरतें सतर्कता&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>-अपने घर के आसपास एवं अंदर सफाई का रखें विशेष ख़्याल।<br>-मच्छर के काटने से फैलता है फाइलेरिया&comma; इसीलिए बेहतर है कि मच्छरों से बचाव किया जाए।<br>-आसपास कहीं भी पानी इकठ्ठा नहीं होने दें।<br>-समय-समय पर कीटनाशक का छिड़काव करते रहें।<br>-सोते समय हाथों एवं पैरों सहित अन्य खुले भाग पर सरसों या नीम का तेल लगाएं।<br>-हाथ या पैर में कहीं चोट लगी हो या घाव हो तो उसकी नियमित रूप से करें सफ़ाई।<&sol;p>&NewLine;

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